औरैया। मोहल्ला नारायनपुर में 21 मार्च को अधिवक्ता व उनकी बहन की हत्या के मामले में करीब आठ माह से जेल में बंद सपा एमएलसी कमलेश पाठक व उनके साथियों की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने विचारण एक वर्ष में पूरा करने का आदेश अधीनस्थ ट्रायल कोर्ट को दिया। 26 नवंबर को दिए आदेश में कहा कि 26 नवंबर 2021 तक ट्रायल पूरा कर लें। साथ ही सह आरोपी शिवम अवस्थी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता ह्रदय नारायण पांडेय ने बताया कि नारायनपुर मोहल्ला स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में 15 मार्च 2020 को हुई फायरिंग में अधिवक्ता मंजुल चौबे व उनकी बहन सुधा की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई थी। इस दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने घटना स्थल पर मौजूद सपा एमएलसी कमलेश पाठक उनके दो भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक व रामू पाठक सहित कई सगे संबंधी व साथियों को जेल भेज दिया था।
पुलिस ने विवेचना पूर्ण कर हत्या के मामले में 11 तथा पुलिस पर प्राणघातक हमले के दूसरे मामले में 13 लोगों के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। इन दोनों मामलों में कमलेश पाठक का सरकारी गनर अवनीश भी आरोपी है। सभी की जमानत याचिकाएं सत्र न्यायालय से खारिज हो चुकी हैं।
दोहरे हत्याकांड में अज्ञात आरोपियों में गिरफ्तार व 22 मार्च 20 से जिले में निरुद्ध शिवम अवस्थी की जमानत याचिका इलाहाबाद उच्च न्यायालय में प्रस्तुत हुई। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए शिवम अवस्थी की जमानत याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने अधीनस्थ ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिए है कि यथा संभव इस हत्या के मामले का विचारण एक वर्ष में पूर्ण कर दिया जाए।