औरैया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक रामनेत ने घर में घुसकर दुष्कर्म के मामले में दोषी अच्छे लाल को गवाहों के मुकरने के बावजूद दस वर्ष के कठोर कारावास व 15 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा दंडित किया है।
इस मामले की पैरवी कर रहे जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता कुशल पाल ने बताया कि दिबियापुर थाना क्षेत्र के एक गांव की विधवा 30 अप्रैल 2018 को रात करीब 11 बजे अपने घर में अकेली सो रही थी। उसी समय गांव का अच्छे लाल पुत्र हेतराम उसके घर के अंदर घुस आया। इसके बाद उसके दुष्कर्म किया। मौके पर पहुंचे लोगों ने आरोपी अच्छे लाल को पकड़ लिया, लेकिन बाद में वह विहां से भाग गया था। पीड़ित महिला के परिजनों ने आरोपी के घरवालों से मामले की शिकायत की, तो उन्होंने धमकी देकर भगा दिया। इस पर महिला ने अच्छे लाल पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विवेचक ने अच्छे लाल पर लगे आरोप सही पाए और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम की कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई के दौरान गवाह अपने बयानों से मुकर गए और पक्षद्रोही हो गए। अभियोजन की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुशल पाल ने दलील दी कि दुष्कर्म किसी महिला के लिए जीवन का सबसे दुखद एवं कष्टकारी अनुभव होता है। इसलिए अभियुक्त को कठोर दंड दिया जाए। बचाव पक्ष ने अभियुक्त को अत्यंत गरीब तथा बेरोजगार बताते हुए दोनों के मध्य प्रेम संबंध होने की बात कही।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे ने अभियुक्त अच्छेलाल को दस वर्ष के कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अधिवक्ता पंडित शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि प्रतिकर के रूप में पीड़ित महिला को प्रदान करने का आदेश दिया। गौरतलब है कि सजायाफ्ता अच्छे लाल घटना के बाद से जिला कारागार में बंद हैं।