औरैया। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर अधिनियम महेश चंद्र वर्मा ने एक पुराने मुकदमे में अभियुक्त के उपस्थित न होने पर जारी गैर जमानती वारंट को तामील न कराने पर थानाध्यक्ष दिबियापुर के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के लिए (प्रकीर्ण वाद) मुकदमा दर्ज कराया है।
गौरतलब है कि न्यायालय में वर्ष 2007 का एक मुकदमा सरकार बनाम रंजीत थाना दिबियापुर का चल रहा है। इसमें अभियुक्त के उपस्थित न होने से न्यायालय की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। न्यायालय ने इस संदर्भ में 17 सितंबर को गैर जमानती वारंट जारी कर थानाध्यक्ष दिबियापुर को तामीला के लिए भेजा।
निर्धारित तिथि 19 अक्तूबर को पुलिस न तो अभियुक्त को गिरफ्तार किया और ना ही वारंट आज तक न्यायालय को वापस किया। शनिवार को नियत तिथि पर कोर्ट ने माना कि थानाध्यक्ष जान-बूझकर न्यायालय के आदेश की अवेहलना कर मुकदमे की न्यायिक कार्रवाई को बाधित कर रहे हैं। उन्हें 23 नवंबर को उपस्थित होने के आदेश दिया गया था, लेकिन वह आज स्पष्टीकरण देने के लिए उपस्थित नहीं हुए। इस पर एडीजे महेश चंद्र वर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए थानाध्यक्ष दिबियापुर के विरुद्ध धारा 349 सीआरपीसी 1973 के अनुसार अलग प्रकीर्ण वाद दर्ज करा दिया है। तथा इस बाबत जारी नोटिस पुलिस अधीक्षक को भेजा गया है। अगली सुनवाई दस दिसंबर को होगी।