औरैया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार ने कस्बा खानपुर में पैसे के लेन-देन के विवाद में भाइयों के बीच चली लाठी व कुल्हाड़ी से 18 वर्षीय युवक की मौत के मामले के सभी छह दोषियों को दस-दस वर्ष के कारावास व प्रत्येक पर 30-30 हजार अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि नौ अगस्त 2017 कटरा कस्बा खानपुर निवासी साबू मंसूरी पुत्र बाबू मंसूरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह शाम करीब साढ़े सात बजे अपने घर पर मौजूद था। इस बीच वादी का भाई फिरोज व रियाजुद्दीन उर्फ सूखे पुत्रगण बाबू मंसूरी से रुपये के लेनदेन को लेकर कहासुनी व गाली-गलौज होने लगी। विरोध करने पर दोनों सगे भाई फिरोज व रिजायुद्दीन के अलावा गांव के रवि मंसूरी उर्फ रबूदे व उसके भाई नफीस व शकील पुत्रगण वहीद एवं वहीद पुत्र मेहंदी हसन ने वादी व उसके 18 वर्षीय पुत्र चांद मंसूरी, उनकी पत्नी नाजमा तथा अन्य लोगों को पीटा। फिरोज व शकील के हाथों में कुल्हाड़ी थी। मारपीट से वादी का पुत्र चांद मंसूरी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई। आरोप पत्र के बाद यह मामला जिला एवं सत्र न्यायालय में चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने कहा कि आरोपितों ने लाठी-डंडा व कुल्हाड़ी से मारपीट कर हत्या की कोटि में न आने वाला मानव वध किया है, इसलिए इन्हें अधिक से अधिक दंड दिया जाए। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सभी को गरीब बताते हुए सहानुभूति की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार ने सभी छह आरोपितों रियाजुद्दीन उर्फ सूखे, नफीस, रवि मंसूरी, फिरोज, वहीद व शकील निवासी कटरा खानपुर को दस वर्ष के कारावास व प्रत्येक पर 30-30 हजार रुपये का अर्थ दंड दिया। अधिवक्ता शिवम शर्मा के अनुसार, कोर्ट ने सभी धाराओं में सजा दी, लेकिन सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास सभी को भुगतना पड़ेगा। दोषियों को जिला कारागार इटावा में भेज दिया गया।