औरैया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार ने बेला थाना क्षेत्र के गांव नीमहार में नवविवाहिता की दहेज को लेकर मारपीट कर हत्या करने के दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सास व चचिया ससुर को दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि कानपुर के गोविंदनगर कच्ची बस्ती निवासी शंभू पुत्र रामबाबू ने बेला थाने में 01 जनवरी 2015 को रिपोर्ट लिखाई थी कि उन्होंने अपनी भांजी कोमल पुत्री स्व. नेकपाल निवासी कानपुर नगर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के मदारीपुर की शादी 11 जुलाई 2013 को बेला थाना क्षेत्र के गांव नीमहार निवासी कल्लू उर्फ मुखराम कठेरिया पुत्र स्व.रामऔतार के साथ की थी। विवाह के बाद से भांजी के ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे थे।
30 दिसंबर 2014 को ससुराल वालों ने कोमल के साथ मारपीट की थी। गंभीर चोटें आने से अगले दिन 31 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। दहेज हत्या के इस मामले में पुलिस ने कोर्ट में पति, सास व चचिया ससुर के विरुद्ध आरोपपत्र प्रस्तुत किया। यह मुकदमा जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार की अदालत में चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने दहेज के लिए विवाहिता की हत्या पर कठोर सजा की मांग की। बचाव पक्ष ने सभी को निर्दोष बताया।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला जज शिव कुमार ने पति कल्लू उर्फ मुखराम कठेरिया को आजीवन कारावास और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सास जमुना देवी पत्नी स्व.रामऔतार व चचिया ससुर पप्पू सिंह उर्फ राम किशन पुत्र लल्लू सिंह निवासी गांव नीमहार को 10-10 वर्ष की सजा और सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है। तीनों सजा पाए पति, सास, चचिया ससुर को जेल भेजा गया है।