औरैया। एरवाकटरा ब्लॉक के रम्पुरा गांव की प्रधान ऊषा देवी के पति मान सिंह की सतर्कता से गांव की तकरीबन 22 सौ आबादी फिलहाल कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से बच गई। उन्होंने चारों युवकों को गांव के बाहर पंचायत घर में रोका। यही नहीं 29 अप्रैल की पूरी रात जागकर निगरानी भी की।
29 अप्रैल की रात इंदौर और अहमदाबाद से चार लोग रम्पुरा गांव पहुंचे थे। जानकारी मिलते ही प्रधान ऊषा देवी व उनके पति मान सिंह ने इन चारों युवकों को गांव के बाहर ही रोक लिया। साथ ही इसकी जानकारी जिले के प्रशासनिक व स्वास्थ्य अधिकारियों को देने के साथ ही गांव में बने पंचायत घर में उन्हें रोका।
प्रधान पति मान सिंह ने बताया कि पूरी रात उन्होंने जागकर इन युवकों की निगरानी की। इस बीच युवकों व उनके परिवार के लोगों ने कई बहाने बनाए और युवकों के घर भेजने की अपील की थी। बताया कि सहार ब्लाक के पुरवा मदार निवासी युवक के परिजन भी आए थे। उन्होंने उनको भी लौटा दिया था। 30 अप्रैल को जब इन चारों युवक के सैंपल लिए गए और उन्हें जिला अस्पताल में क्वारंटीन करने के लिए ले जाया गया, तब उन्होंने राहत की सांस ली।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अर्चना ने बताया कि प्रधान की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। प्रधान का कदम सराहनीय रहा है, वह सम्मान के काबिल है। कहा कि यदि इसी तरह अन्य गांवों के प्रधान सजग रहें तो जिले में कोरोना संक्रमण को रोका जा सकता है।