औरैया। संपूर्ण समाधान दिवस को लेकर शनिवार को जिले के तीनों तहसीलों में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। अजीतमल में प्रस्तावित जिला स्तरीय सुनवाई में डीएम नेहा प्रकाश व एसपी चारु निगम ने शिकायतों को सुना। राजस्व से जुड़ी शिकायतें ज्यादा रहीं। वहीं कब्जों के मामलों ने अधिकारियों को खूब छकाया। तीनों तहसीलों में पहुंची कुल 240 शिकायतों में महज 27 को मौके पर निस्तारित किया जा सका। बिधूना तहसील में उपजिलाधिकारी निशांत तिवारी व क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार ने 82 समस्याओं को सुना। फरियादियों की समस्या को समझते हुए 14 मामलों को त्वरित निस्तारित किया गया। सदर तहसील में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, एडीएम महेंद्र पाल सिंह व सीओ महेंद्र प्रताप सिंह ने शिकायतें सुनी। आईं कुल 75 शिकायतों में आठ का त्वरित निस्तारण किया गया। लेखपाल फसल सर्वे कार्य में जुटे होने की वजह से राजस्व के कई मामले नहीं निपट सके। अजीतमल तहसील में डीएम व एसपी ने सुनवाई करते हुए कुल 83 मामलों में से महज पांच को हल किया। समस्या निस्तारित करने को लेकर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए।
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केस-1
साहब मकान का ताला तोड़कर लिया कब्जा
अजीतमल तहसील सभागार में औरैया के नारायणपुर निवासी कमलेश देवी पत्नी प्रेमनारायण अपने दिव्यांग पुत्र राजेश के साथ पहुंची। कमलेश ने शिकायती पत्र देते हुए अधिकारियों को बताया कि उसके पति की मृत्यु हो चुकी है। बेटा सड़क हादसे में घायल हो गया था। जिसे लेकर वह इलाज कराने बाहर चली गई थी। जब वह घर लौटी तो मकान का ताला तोड़कर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। पीड़िता ने बताया कि वह अपने घर को पाने के लिए दर-दर भटक रही है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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केस-2
अजीतमल तहसील सभागार में डीएम व एसपी को शिकायती पत्र देते हुए राजीव नगर मोहल्ला निवासी संगीता पत्नी योगेंद्र ने बताया कि उसके ससुर का डेढ़ वर्ष पूर्व देहांत हो गया था। ससुर के पांच पुत्र हैं। पैतृक घर में उसे हिस्सा नहीं दिया जा रहा है। देवर व जेठ पांचवा हिस्सा नहीं दे रहे है। कई बार शिकायत करने के बाद भी किसी ने मामले का संज्ञान नहीं लिया है।