गेहूं खरीद के नवीन सत्र 2016-17 के लिए सरकारी खरीद केंद्रो के साथ ही कमीशन एजेंटों और सहकारी समितियों के माध्यम से गेहूं खरीद करने की शासन की ओर से इजाजत दी गई है। इस आदेश के क्रम में डिप्टी आरएमओ कार्यालय ने साफ-सुथरी छवि के कमीशन एजेंटों की तलाश शुरू कर दी गई है।
एक अप्रैल से किसानों से गेहूं खरीद को छह क्रय एजेंसी खाद्य विभाग, पीसीएफ, यूपीएसएस, कर्मचारी कल्याण निगम, नैकब व एनसीसीएफ की ओर से जिले भर में 67 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के संचालित हुए 10 दिन बीत जाने के बाद गेहूं खरीद की शुरुआत न होने पर गंभीर शासन की ओर से पिछले सत्र की तरह इस सत्र में भी कमीशन एजेंटों के माध्यम से गेहूं खरीद करने इजाजत देदी गई है।
खास बात यह है कि पिछली गेहूं खरीद सत्रों में जहां परिस्थितियों के अनुसार शासन कमीशन एजेंटों के माध्यम से किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सत्र के मध्यांह अथवा अंतिम दौर में वैकल्पिक इंतजाम किया करती थी। लेकिन इस बार शासन की ओर से नवीन सत्र की शुरुआत से ही कमीशन एजेंटों और सहकारी समितियों के माध्यम से गेहूं खरीद कराने की हरी झंडी प्रदान की गई है। इस बावत शासन की ओर से शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
शासन से निर्देश प्राप्त होते ही जिला खाद्य एवं विपणन कार्यालय की ओर से कमीशन एजेंटों को नामित करने को मंडी समितियों के स्वच्छ छवि कि आढतियों की तलाश शुरू कर दी गई है। इस संबंध में प्रभारी डिप्टी आरएमओ दिलीप कुमार ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्रों अलावा नामित किए जाने वाले कमीशन एजेंट न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं खरीद कर सकेंगे। इसके लिए कार्यवाही शुरू करा दी गई है।