संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। जनपद में इन दिनों बिना पंजीकरण के अवैध रूप से सैकड़ों कोचिंग चलाए जा रहे हैं। आलम यह है कि शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मानकों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे कोचिंग सेंटर से विभाग अनजान है। मामला संज्ञान में आने पर विभागीय अधिकारियों ने चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई की बात कही है।
जिला विद्यालय निरीक्षक के आंकड़ों में 16 कोचिंग का पंजीकरण है। जबकि पूरे जिले में दो सैंकड़ा से अधिक कोचिंग चलाए जा रहे हैं। शहर के तिलक नगर, सत्तेश्वर, बृहमनगर, ओमनगर, आवास विकास कालोनी, नारायनपुर, गोविंद नगर, बनारसीदास एजुकेशन का हब बन चुका है। जहां आए दिन कोचिंग बिना पंजीकरण के धड़ल्ले से खोले जा रहे हैं। तमाम कोचिंग संस्थान स्वयं मानक पूरा नहीं कर रहे हैं। जहां मर्जी हुई एक बोर्ड लगाया और कोचिंग सेंटर खोल दिया। जनपद में तमाम कोचिंग बगैर अग्निशमन विभाग के एनओसी के भी संचालित हो रही है। इन कोचिंग की भी जांच करने वाला कोई नहीं है।
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पाठ्यक्रम से प्रतियोगी परीक्षाओं तक कोचिंग
जिले में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट से लेकर बीकाम, बीएससी, मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, बैंक, रेलवे, एसएससी, एनडीए, एआरफोर्स जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली भी कोचिंग संस्थाएं मौजूद हैं। ज्यादातर संस्थाओं में फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं हो रहा है। कई बार हादसे भी हो चुके हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अनजान हैं। कोचिंग सेंटर की जांच को अग्निशमन विभाग व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पास फुर्सत नहीं है। लिहाजा गली-मुहल्लों में ऐसी कोचिंग चल रही हैं। जिनका डीआईओएस कार्यालय में पंजीकरण नहीं है। वहीं कोचिंग संस्थानों ने एक बार रजिस्ट्रेशन कराने के बाद दोबारा नवीनीकरण तक नहीं कराया।
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कोचिंग संचालकों से आवेदन मांगे गए हैं। कुछ कोचिंग संचालकों ने पंजीकरण कराया है। बाकी को कराने के लिए निर्देश दिया है। यदि नहीं करते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
- श्याम प्रकाश यादव, डीआईओएस