शहर के दिबियापुर रोड स्थित बिरिया भट्टा के पास सियाराम की हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने दो नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं पुलिस के शक की सुई मृतक के करीबियों पर घूम रही है। हत्याकांड के पीछे के कारणों को पुलिस खंगालने में जुट गई है।
औरैया-दिबियापुर रोड पर सोमवार को दिनदहाड़े दिबियापुर थाना क्षेत्र के ग्राम करौंधा निवासी सियाराम पुत्र श्रीराम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भतीजे शरद कुमार राजपूत पुत्र रामशरण ने मृतक की पहली पत्नी नीतू के भाई जितेंद्र पुत्र विजय सिंह व धर्मेंद्र कुमार पुत्र वीरेंद्र सिंह निवासी अदमापुर अजीतमल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला तो दर्ज कर लिया है। लेकिन पुलिस हत्या के पीछे दूसरा कारण मान रही है। सियाराम की मौत से किसको और क्या फायदा होना था यह बिंदु पुलिस की जांच का आधार बना हुआ है. इधर अभी तक पूछतांछ में मामला करीबियों की ओर ही घूमता दिखाई दे रहा है।
पुलिस की सूत्रों की माने तो जब मृतक सियाराम की पहली पत्नी नीतू सिंह से न्यायालय में मामला विचाराधीन है तो ऐसे में नीतू के भाई सियाराम की हत्या क्यों करेंगे। वहीं पुलिस के शक है कि जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, वह एक सोझी-समझी रणनीति के तहत किया गया है। इसके साथ ही पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि वारदात के समय ट्रैक्टर पर कौन-कौन था और वारदात के बाद वह कहां गायब हो गए।
सूत्रों की मानें तो घटना के समय ट्रैक्टर पर दो अन्य व्यक्ति और सवार थे, वह व्यक्ति कौन थे पुलिस इसका पता लगाने में जुटी हुई है। एएसपी विपुल कुमार ने बताया कि सियाराम हत्याकांड मामले में मृतक के भतीजे की तहरीर के आधार पर दो नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस को कुछ पुख्ता सुबूत भी मिले हैं।