औरैया। जिले में बदहाल बिजली व्यवस्था को रिवैंप योजना के तहत से सुधारा जाएगा। इससे हादसों पर लगाम लगेगी। बिजली कटौती व ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिलेगी। आगरा से आई तकनीकी टीम ने सर्वे कर 132 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। विभागीय अधिकारी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर रहे हैं।
जर्जर लाइनों व ओवरलोड ट्रांसफार्मर से जिले की बिजली व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। लगातार बढ़ रही आबादी के कारण लोड भी बढ़ा है। बिजली व्यवस्था सुधार के लिए कई योजनाएं बनीं, लेकिन बजट का अभाव होने के कारण व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका। अब बिजली विभाग ने रिवैंप योजना से बिजली व्यवस्था सुधार का मास्टर प्लान तैयार किया है।
रिवैंप योजना के तहत शहर, कस्बा व घनी आबादी वाले गांवों में जर्जर तारों से मुक्ति दिलाने के साथ बंच केबल डाली जाएगी। ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि होगी। नए ट्रांसफार्मर लगेंगे। जर्जर हो चुकी एलटी, एचटी लाइनें भी बदली जाएंगी। बल्लियों के स्थान पर पोल लगाए जाएंगे। इसके अलावा चार नए उपकेंद्रों बनाने की योजना है।
औरैया और दिबियापुर डिवीजन में किसानों को निर्बाध बिजली मुहैया कराने के लिए भी विशेष प्लानिंग की गई है। हाईवे, रेलवे क्रासिंग और वन विभाग की जमीन से अंडर ग्राउंड लाइन गुजरी जाएगी। उन्हें अलग फीडरों से जोड़ा जाएगा। इससे किसानों को निर्बाध बिजली मिलेगी। सिंचाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
जर्जर तार बदलने के साथ ही ओवरलोड कम करने पर ध्यान दिया जाएगा। 400 ट्रांसफार्मर बदल कर उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। विभाग के मुताबिक जिन स्थानों पर अभी 63, 100, 250, 400 केवीए के ट्रांसफार्मर रखे हैं, इनकी क्षमता दोगुनी की जाएगी।
आगरा से आई टीम ने जिले के दोनों डिवीजन में सर्वे कर प्लान तैयार किया है। इसके लिए 132 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही टेंडर कराने के साथ ही कार्यदायी संस्था काम कराएगी। काम होने के बाद फाल्ट और ओवरलोडिंग से निजात मिलेगी। - दिनेश कुमार दोहरे, अधीक्षण अभियंता