औरैया। जुमे पर शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन सतर्क रहा। जगह-जगह पुलिस मुस्तैद रही। मस्जिदों पर कड़ी सुरक्षा के बीच नमाजियों ने नमाज अदा की, लेकिन जहां सीएए का विरोध करने वाले लोगों की भीड़ गिरफ्तारी देने के लिए मौजूद रही, वहां कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। आक्रोशित लोगों ने बैठक कर सड़क पर आकर विरोध करने की रणनीति बनाई। कहा कि अगले जुमे को सड़क पर उतर कर सीएए का विरोध प्रदर्शन करेंगे।
जुमे की नमाज के बाद सीएए को लेकर शांति व्यवस्था भंग न हो। इसलिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। शुक्रवार को जिले के प्रमुख स्थानों पर पुलिस कर्मी ड्यूटी पर मुस्तैद नजर आए। खास तौर पर संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। एसपी ने फोर्स के साथ अपने आवास से शहर के मुख्य मार्गों पर पैदल गश्त किया। इस दौरान कई स्थानों पर ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों से बात भी की।
इधर, मस्जिदों पर नमाज अदा करने पहुंचे लोगों ने कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज अदा की। खानपुर स्थित रशीदा मस्जिद पर सैकड़ों की संख्या में नमाजियों ने नमाज अदा की। जबकि मस्जिद से कुछ पहले जालौन चौराहे पर कोतवाली प्रभारी फोर्स के साथ गश्त करते दिखाई दिए। यहां पूर्व राज्यमंत्री मोहम्मद इरशाद के साथ सैकड़ों की संख्या लोग सीएए के विरोध में गिरफ्तारी देने के लिए बैठे रहे, लेकिन जिला प्रशासन नहीं पहुंचा। इस पर वहां मौजूद लोगों ने नाराजगी जाहिर की। इस दौरान हुई बैठक सीएए का विरोध करने वालों ने कहा कि वह अगले जुमे को सड़क पर आकर विरोध करने को विवश होंगे। जुलूस निकालने को लेकर भी उन लोगों ने रणनीति बनाई। बैठक के दौरान पूर्व राज्यमंत्री मोहम्मद इरशाद ने कहा कि केंद्र सरकार संविधान के साथ छेड़छाड़ कर रही है। केंद्र सरकार के इस मंसूबे को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में मोहम्मद मिया सभासद, जियाउल हक, रामऔतार कुशवाहा प्रधान, सुधांशु प्रधान, अनुज यादव, अमित यादव, अनिल प्रधान, रामबहादुर शर्मा, हरीकिशन तिवारी, हिमान, विकास पाल, अनूप यादव, शिवपाल, महेंद्र यादव समेत तमाम कई मौजूद रहे।
उधर, खानपुर गांव में स्थित रशीदा मस्जिद में सीएए के विरोध में तमाम लोग मौजूद रहे। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। साथ ही सड़क पर आकर विरोध करने की बात कही। आक्रोशित लोगों को सपा नेताओं और पूर्व राज्यमंत्री ने समझाकर शांत किया। पूर्व राज्यमंत्री ने लोगों को समझाते हुए बताया कि एसडीएम अनुपम शुक्ला यहां ज्ञापन लेने के लिए आने वाले थे, लेकिन स्थानांतरण होने पर वह नहीं आ सके। बताया कि अगली बार यदि कोई प्रशासन ज्ञापन लेने नहीं आता है, तो सड़कों पर आकर विरोध किया जाएगा।