फोटो-12एयूआरपी 04- बिना जाली वाले ऑटो में बैठकर जाते नौनिहाल। संवाद
बिधूना। नौनिहालों की सुरक्षा के लिए स्कूल वाहनों के लिए कई मानक हैं लेकिन धरातल पर इन मानकों का पालन नहीं हो रहा है। स्कूल से घर और घर से स्कूल पहुंचाने में लगे स्कूली वाहन नौनिहालों की जान के लिए खतरा बन रहे हैं। खास बात यह है कि नियमों को तोड़ते हुए ये वाहन चौराहों व नाकों पर तैनात पुलिस ये मनमानी देखती है। फिर भी मूकदर्शक है।
बच्चों को ले जाने वाले ऑटो में जाली तक नहीं लगाई गई है। कई वाहन तो बिना परमिट व फिटनेस के दौड़ रहे हैं। क्षेत्र में रोजाना कई स्कूलों के बच्चों को ऑटो, ओमनी कार व अन्य निजी वाहन से आवागमन करते हैं। इन वाहनों में न तो सीट बेल्ट की व्यवस्था है और न ही अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं। इनमें प्राथमिक उपचार किट भी नहीं है। अधिकांश वाहनों में क्षमता से ज्यादा बच्चे बैठाए जाते हैं। इस मामले में स्कूल प्रबंधन भी चुप्पी साधे हुए हैं।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन सुरक्षित व मानकयुक्त परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं कराते हैं। इसकी कई बार शिकायत की जा चुकी है। यातायात प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि स्कूलों को नोटिस दिए जा रहे हैं। अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
फोटो-12एयूआरपी 04- बिना जाली वाले ऑटो में बैठकर जाते नौनिहाल। संवाद