बैसाखी का पर्व पर महावीरगंज स्थित गुरुद्वारे में सुबह से शबद कीर्तन की धूम रही। सिख समुदाय के श्रद्धालुओं ने शबद कीर्तन के साथ गुरुग्रंथ साहब पर माथा टेका। समुदाय के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने भजन सुनाकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इससे पूर्व तीन दिन से चल रहे अखंड पाठ का मंगलवार सुबह समापन हुआ।
सिक्खों के दसवें गुरु गोविंद सिंह द्वारा 1699 में आज ही के दिन की गई खालसा पंथ की स्थापना दिवस पर गुरुद्वारे में शबद कीर्तन के साथ ही लंगर का आयोजन किया गया।
इस मौके पर तमाम जाति-धर्म के श्रद्धालुओं ने लंगर का प्रसाद छका। इससे पूर्व सिख समुदाय के नन्हें-मुन्ने बच्चों हरनीन कौर व रश्मीत कौर ने भजन सुनाकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। खालसा पंथ की स्थापना दिवस पर गुरुद्वारे को आकर्षक झालरों से सजाकर रोशनी की गई।
इससे पूर्व तीन दिन से गुरुद्वारा परिसर में चल रहे अखंड पाठ का मंगलवार सुबह समापन हुआ। इसमें समुदाय के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। गुरुद्वारा परिसर में दोपहर को शुुरू हुआ लंगर शाम पांच बजे तक चलता रहा। वहीं स्थापना दिवस पर सुबह से शाम तक गुरुद्वारे में चहल-पहल का माहौल रहा।
इस मौके पर प्रधान सरदार गुरबचन सिंह, जगदीश सिंह, हरमिंदर सिंह, सुरजीत सिंह, गुरमीत सिंह, हरमिंदर सिंह बाबले, हरजीत सिंह, राजपाल सिंह, जसवीर सिंह, अनमोल सिंह, जयदीप सिंह आदि का सराहनीय सहयोग रहा।