बिधूना। बिधूना सीएचसी मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है। स्त्री व हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने से मरीज रेफर हो रहे हैं।
सीएचसी में 17 डॉक्टरों की तैनाती है। इसमें आयुष के तीन डॉक्टर व एक होम्योपैथिक का डॉक्टर शामिल है। 30 बेडों के इस अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ व सर्जन की तैनाती नहीं है। इससे गर्भवती मरीजों को रेफर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही हड्डी रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन, दंत रोग सर्जन समेत मुख्य डॉक्टरों की तैनाती नहीं कर पा रही है। मरीजों की संख्या पर नजर डालें तो सीएचसी बिधूना में अक्तूबर माह में 267 मरीज इमरजेंसी वार्ड में आए, इसमें से 59 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। वही, 237 साधारण प्रसव बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ के करा दिए गए है।
सीएचसी पर विशेषज्ञ डॉक्टरों व कर्मियों की कमी है। यह समस्या उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराई जा चुकी है। विभाग से मिली सुविधाओं व दवाओं के माध्यम से मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
डॉ. सिद्वार्थ वर्मा, सीएचसी अधीक्षक बिधूना
गीता मिश्रा ने बताया कि महिला संबंधित रोग और प्रसव के लिए सीएचसी बिधूना में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से परेशानी होती है। इस लिए बाहर जाना पड़ता है।
रन्नो देवी ने बताया कि सीएचसी में महिलाओं को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है, इसलिए अन्य अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, क्योंकि यहां संबंधित मर्ज के डॉक्टर नहीं है।
शीलू शर्मा ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सकों के पास पर्याप्त उपकरण तक नहीं है। छुट्टी वाले दिन सिर्फ इमरजेंसी ही खुलती है। एक्सरे व लैब बंद रहती है।
टंकुर पोरवाल ने बताया कि सीएचसी बिधूना में इलाज की अच्छी सुविधा नहीं है। अगर छुट्टी के दिन अस्पताल में इलाज कराने गांव से कोई मरीज जाता है तो सीएचसी में कोई मिलता नहीं है।