अछल्दा ब्लाक के लोहिया गांवों में विकास कार्य समस्या बने हुए हैं। अपात्रों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। पात्रों के बजाय अपात्रों को आवास आवंटित कर दिए गए हैं। लोहिया गांव देवराव के ग्रामीणों ने विकास कराए जाने के साथ पात्रों को आवास दिलाए जाने की मांग की है।
बताते चलें कि शासनादेश के बावजूद लोहिया गांव देवराव में विकास कार्यो में अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। सुभाष बाजपेई ने बताया कि उनके पास कोई आवास नहीं है, फिर भी उन्हें लोहिया आवास नहीं दिया गया। इसके चलते वह आज भी खुले आसमान में रहने को मजबूर है।
इसी क्रम में सत्य नारायण तिवारी कहते हैं कि वह भूमिहीन हैं। मकान के नाम पर केवल कच्ची ईंट की दीवारें हैं। कच्ची छतें पहले ही गिर गईं हैं। इसी प्रकार कुलदीप द्विवेदी व प्रेमबाबू सविता भी आवास विहीन हैं।
प्राथमिक विद्यालय से लेकर रामऔतार द्विवेदी के दरवाजे तक सड़क में गंदगी का अंबार लगा है। हल्की हवा के साथ उठती सड़ांध बीमारी फैला रही है। ग्रामीणों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। लोगों ने डीएम से पात्रों को आवास के साथ गांव की गलियों की सफाई कराए जाने की गुहार लगाई है।