मौसम बदलने से सरकारी अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भीड़ देखने को मिल रही है। लापरवाही के कारण लोग चिकनगुनिया, मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारी के चपेट में आ रहे हैं। इस कारण शासन की ओर से छुट्टियों में भी अस्पताल खोलने के निर्देश हैं।
सोमवार, मंगलवार और बुधवार को सरकारी छुट्टियां घोषित थी। लेकिन बढ़ते मरीजों को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों को छुट्टी नहीं दी गई। चिकित्सकों को छुट्टियों के दिनों मेें भी दोपहर 12 बजे तक बैठने के निर्देश मिले है। पर्चा काउंटर पर मौजूद कर्मचारी राहुल ने बताया कि सोमवार को 260, मंगलवार को 289 और बुधवार को 258 मरीजों ने पर्चे बनवाये।
अस्पताल में चिकित्सकों ने मरीजों की परीक्षण किया और अस्पताल 12 बजे तक खुले रहे। बुधवार को भी अस्पताल में 12 बजे तक भीड़ देखने को मिली। शहर स्थित जिला चिकित्सालय में सीएमएस डा. पीके कटियार, डा. अरुण तिवारी, डा. जीपी चौधरी ने मरीजों का परीक्षण किया। सरकारी अस्पतालों में पहुंचे मरीजों ने चिकित्सकों से परीक्षण कराया और दवाएं लीं।
मौसमी बुखार से पीड़ित मरीजों की बढ़ी संख्या
सीएमएस डा. पीके कटियार के पास अधिक भीड़ देखने को मिली। डाक्टरों ने बताया कि इन दिनों मौसम परिवर्तन के चलते लोग बीमारी के शिकार हो रहे हैं। जिनकी संख्या अधिक है। वहीं इन बीमारियों की लापरवाही पर कुछ मरीजों में चिकुनकुनिया की बीमारी भी मिली है। बताया कि शरीर में कमजोरी आते ही, या फिर बीमारी का एहसास होते ही चिकित्सक की सलाह लें मरीज तो वह चिकनगुनिया जैसी बीमारी से बच सकते हैं।