कस्बे की एक सड़क के किनारे खड़ीं निजी बसें।संवाद
बिधूना। दिल्ली में बस में युवती के साथ हुई गैंगरेप की घटना ने लंबी दूरी की निजी बसों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बाद बिधूना सहित कई जगहों से दिल्ली, जयपुर और खाटू श्याम जाने वाली निजी बसों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बुधवार को हुई पड़ताल में इन बसों में सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले।
बिधूना क्षेत्र से दिल्ली के लिए प्रतिदिन करीब 20 से 25 निजी बसें चलती हैं। जयपुर और खाटू श्याम के लिए भी निजी बसों का संचालन होता है। इन बसों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना यात्रा करते हैं। लंबी दूरी की इन बसों में रात में भी यात्रियों का आवागमन रहता है। बस के अंदर निगरानी व्यवस्था न होने से अप्रिय घटना में जिम्मेदारी तय करना मुश्किल है।
तहसील के पास खड़ी निजी बसों की सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की गई। इस दौरान बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे नहीं मिले। कुछ बस चालकों ने दो बसों में कैमरे होने की बात कही, पर स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। कैमरों की रिकॉर्डिंग और उपलब्धता को लेकर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।
-
बस संचालकों का तर्क
पड़ताल के दौरान कुछ बस संचालकों ने तर्क दिया। उनका कहना था कि घटना दिल्ली में हुई है। इसलिए यहां कैमरे लगाने की जरूरत नहीं है। हालांकि लोगों का मानना है कि अपराध की कोई सीमा नहीं होती। सुरक्षा व्यवस्था को किसी घटना के बाद नहीं, बल्कि पहले से मजबूत करना जरूरी है।
निजी बसों समेत अन्य वाहनों के निर्धारित मानकों की जांच की जाएगी। जो वाहन मानकों को पूरा नहीं करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। एक-दो दिन में अभियान शुरू किए जाने की तैयारी है। - नानक चंद शर्मा, एआरटीओ