औरैया। सदर तहसील में बुधवार रात आठ बजे के करीब लेखपाल व तहसीलदार कमरे में नक्शे तैयार कर रहे थे। लेखपाल दिनेश सिंह सेंगर ने तीन राजस्व अधिवक्ताओं पर कमरे में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने का आरोप लगाया है। मामले में देर रात तक पुलिस तहसील में डटी रही। वहीं गुरुवार को तीन अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
लेखपाल दिनेश सेंगर ने पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि बुधवार रात आठ बजे के करीब वह राकी, योगेश मिश्रा, चित्रेश व संतोष सेंगर समेत तहसीलदार अविनाश सिंह के साथ कमरे में नक्शे तैयार कर रहे थे। इसी दौरान राजस्व अधिवक्ता अनुज पांडेय, अश्वनी चतुर्वेदी, हरिकेश यादव व एक अन्य तहसीलदार कार्यालय में पहुंचे। गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की। कार्यालय की फाइलों को फेंक दिया। जान से मारने का प्रयास किया गया। मामले में पुलिस ने देर शाम एक अधिवक्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। अनुज पांडेय, अश्वनी चतुर्वेदी, हरिकेश यादव व एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं पूरे मामले में गुरुवार सुबह कुछ अधिवक्ता सदर कोतवाली पहुंचे। इस दौरान पुलिस से अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा। सीओ सिटी महेंद्र प्रताप ने बताया कि नामजदों को हिरासत में लिया गया था। दर्ज कराए गए मुकदमे में सात वर्ष से कम की सजा का प्रावधान है। ऐसे में सीआरपीसी की 41-1 मानकों के तहत नोटिस देकर सभी को छोड़ा गया है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।