थाना क्षेत्र के गांव दौलतपुर में तीन महिलाओं समेत छह लोगों के जैसे ही घर आए एक बार फिर पूरे गांव में मातम छा गया। घरों में कोहराम मचा रहा। अपनों के खोने के गम में रातभर परिजन आंसू बहाते नजर आए। रविवार सुबह ही मृतकों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मध्य प्रदेश के सुंदरपुरा गांव के पास सड़क हादसे में दौलतपुर गांव के अजय यादव (45), शैलेंद्र (25), अखिलेश (26), राममूर्ति दोहरे (45), दुर्गा यादव (45) व कमला दोहरे की मौत हो जाने से रविवार को भी पूरा गांव शोक में डूबा रहा। शनिवार की देर रात जैसे ही छह शव गांव दौलतपुर पहुंचे तो वहां पर चीख-पुकार मच गई।
पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। हादसे की सूचना जिस किसी भी व्यक्ति को मिली वह शोक संवेदना व्यक्त करने गांव पहुंच गया। अजय का शव जैसे ही उसके दरवाजे पहुंचा तो अजय के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक अजय की पत्नी स्वाती अपना सुहाग उजड़ जाने से बार-बार बेहोश होकर जमीन पर गिर जा रही थी।
इसके अलावा शैलेंद्र, अखिलेश, राममूर्ति दोहरे, कमला देवी, दुर्गा यादव के घरों में भी चीख-पुकार मची हुई थी। जिस भी व्यक्ति यह दृश्य देख रहा था, उसकी आंखों से आंसू निकल रहे थे। दूसरे गांवों के अलावा तमाम नेताओं ने मौके पर पहुंच कर पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। रविवार की सुबह सभी शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अमित ने दी मुखाग्नि
दौलतपुर गांव के मृतकों में शामिल अखिलेश कुमार को उनके 13 वर्षीय पुत्र अमित ने मुखाग्नि दी। पिता अखिलेश को मुखाग्नि देते समय अमित रो-रोकर कह रहा था कि अब उसका इस संसार में कोई नहीं बचा है। अब वह किसके सहारे जिंदा रहेगा।