औरैया। प्रथम चरण के निकाय चुनाव में गई रोडवेज बसें आ जाने के बाद सवारियों को कुछ हद तक राहत मिली, लेकिन दूसरे चरण में एक बार फिर से यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। औरैया रोडवेज डिपो की तीन बसें निकाय चुनाव के लिए गईं है। इसके अलावा निजी बसें व इटावा, कानपुर डिपो की बसों को भी चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। इसका असर सोमवार से दिखाई देने लगा। दोपहर बस स्टाप से लेकर अन्य मार्गों पर यात्री वाहन के लिए इंतजार करते नजर आए। यह दुश्वारी तीन दिन तक रहने वाली है।
आज से चुनाव वाहन में लगे वाहन सड़कों पर नजर नहीं आएंगे। लिहाजा कानपुर, इटावा, लखनऊ के साथ ही स्थानीय रूट पर यात्रियों के लिए परेशानी बढ़ने वाली है। सबसे ज्यादा परेशानी उन रूटों पर होगी, जहां लोग प्राइवेट बसों से सफर करते हैं। अधिकांश रूट की बसों को चुनाव के लिए अधिग्रहण किया गया है। यात्रियों को परेशानी न उठानी पड़े, इसको लेकर रोडवेज डिपो की ओर से रणनीति भी बदली गई है। लंबी दूरी की बसों में इजाफा किया गया है। वहीं, पड़ोसी जनपदों के लिए जाने वाली बसों के फेरों को बढ़ाया गया है। बावजूद यात्रियों को कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही है। एआरएम आरएस चौधरी ने बताया कि सवारियों को परेशानी न हो इसे लेकर जरूरी प्रबंध किए जा रहे है। जिन रूटों पर प्राइवेट बसों का संचालन था, उन्हें चिह्नित कर डिपो की बसों को चलाया जाएगा। फिलहाल मांग के अनुसार तीन बसें चुनाव में भेजी गई हैं।
इन रूटों पर सवारियों को उठानी पड़ेगी दिक्कत
कन्नौज रूट पर महज रोडवेज डिपो की एक बस की सुविधा है। डग्गामार से लेकर अनुबंधित प्राइवेट बसों के जरिए परिवहन तंत्र संचालित है। ज्यादातर प्राइवेट बसें निकाय चुनाव में अधिग्रहीत होने से यात्रियों को असुविधा उठानी पड़ेगी। कुछ ऐसी ही स्थिति ऐरवाकटरा, अछल्दा, कुदरकोट व बिधूना की है। यहां प्राइवेट बसों से ही संचालन होता है। पड़ोसी जनपद कानपुर देहात, कन्नौज, इटावा, मैनपुरी, जालौन वाले मार्ग पर समस्या रहेगी। कानपुर देहात के सिकंदरा, जालौन, राठ, महोबा पर एक ही रोडवेज बस संचालित होगी। ऐसे में डग्गामार वाहनों की चांदी रहेगी।
चुनाव में अधिग्रहीत किए गए 218 वाहन
नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन को लेकर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय की ओर से 300 वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए। मांग के तहत 218 वाहनों का अधिग्रहण कर लिया गया। वहीं, शेष बचे वाहनों को आपात स्थिति में मुहैया कराए जाने की एडवाइजरी जारी की गई है। एआरटीओ परिवहन रेहाना बानो ने बताया कि पुलिस महकमे की ओर से चौपहिया 82 वाहनों की मांग की गई थी। जिसे पूरा कर दिया गया। सेक्टर मजिस्ट्रेट व अन्य निर्वाचन अधिकारियों के लिए तकरीबन 40 वाहन रिजर्व कर लिए गए हैं। पोलिंग पार्टियों के लिए 59 बसों अधिग्रहण की गई है, इसमें प्राइवेट रूट व स्कूल बसें शामिल हैं। इसके अलावा अन्य छोटे वाहन शामिल हैं।