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Auraiya News: नए पुल निर्माण को लेकर सिंचाई विभाग की जमीन पर बने मकानों पर चला बुलडोजर

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औरैया। दिबियापुर कस्बे के नहर बाजार में सिंचाई विभाग की जमीन पर वर्षों से चल रही अतिक्रमण हटाने की कवायद शनिवार को शुरू हुई। सुबह नौ बजे पुल को जाने वाली सड़क के पूर्वी छोर पर नहर पुल के दक्षिणी ओर बने पक्के मकान और दुकानें बुलडोजर से ढहाने का सिलसिला शुरू हुआ। कई लोगों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से सामान निकालने के लिए कुछ दिनों की मोहलत मांगी, लेकिन बुलडोजरों के आगे उनकी आवाज दब गई।
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सुबह करीब साढ़े आठ बजे अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व महेंद्र पाल सिंह दिबियापुर थाने पहुंचे और अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके बाद सिंचाई विभाग व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने नहर बाजार में मुख्य मार्ग के पूर्वी ओर से अतिक्रमण हटवाने का काम शुरू कराया। इस काम के लिए सिंचाई खंड कार्यालय नहर कोठी से अधिशासी अभियंता पीएस पटेल की अगुवाई में सिंचाई विभाग का दल करीब आधा दर्जन बुलडोजर लेकर नहर पुल पर पहुंचा। टीम ने पुल के दक्षिणी ओर किशन साइकिल स्टोर से अतिक्रमण ढहाने की शुरुआत की।
इसके बाद एक-एक करके केनरा बैंक तिराहे तक बने पक्के मकान और दुकानों को ढहाया। इस बीच पूर्व चेयरमैन पति सुखलाल गुप्ता के भाई व भाजपा नेता कन्हैयालाल गुप्ता ने सामान निकालने के लिए कुछ समय की मोहलत मांगी। इस पर अधिकारियों ने सामान जल्दी निकलवाने के लिए कहा। इस दौरान कार्रवाई का विरोध करते हुए पनचक्की मोड़ पर महेश जैन सड़क पर लेट गए। मौके पर मौजूद दिबियापुर थानाप्रभारी निरीक्षक मुकेश चौहान ने मोर्चा संभाला। निर्देश मिलते ही पुलिस महेश जैन के हाथ पैर पकड़ते हुए उठाकर ले गई। जहां उन्हें पुत्र समेत सरकारी कार में बैठाते हुए थाने भिजवा दिया गया। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की सख्ती की वजह से अतिक्रमणकारियों की एक न चली। इस बीच बुलडोजर की चोट लगते ही चारों तरफ धुआं ही धुआं उड़ता दिखा। इमारतें ताश के पत्तों की तरह बिखरती नजर आईं। दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे अभियान नहर पुल के उत्तरी ओर चलाया गया। इसके बाद अभियान नहर पुल की ओर बढ़ा। इस दौरान एसडीएम सदर राकेश कुमार सिंह, सीओ सिटी महेंद्र प्रताप सिंह, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी विनय कुमार पांडेय के अलावा दिबियापुर समेत जिले के कई थानों की पुलिस मौजूद रही। इसके अलावा राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं विद्युत विभाग के कर्मी भी निगरानी में लगे रहे। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने दो एंबुलेंस भी मौके पर मंगाई थीं।
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सिंचाई विभाग की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए पहले से प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 45 मकानों को चिह्नित किया गया था। शाम छह बजे तक यह कवायद जारी रही। इसके बाद सड़क का पूर्वी हिस्सा एक दम साफ नजर आया। नए नहर पुल निर्माण को लेकर सड़क का पूर्वी छोर पूरा साफ था। वर्षों से काबिज लोग अपने आशियाने गिरते देख रहे थे। कोर्ट के आदेश के क्रम में पुलिस व प्रशासन उन्हें संवाद के जरिए शांत कराता रहा।
औरैया। दिबियापुर कस्बे में फफूंद रेलवे स्टेशन बनने के बाद रिहायशी बस्ती बढ़नी शुरू हुई। जिन मकानों पर शनिवार को बुलडोजर चला उन मकानों में परिवार की तीन से चार पीढि़यों ने जिंदगी काटी है। दो व तीन मंजिल की इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढहा दी गईं। कोर्ट के आदेश व नए पुल निर्माण की कवायद में सब धराशायी हो गया।

शनिवार को जिस तरह का पुलिस व प्रशासन से लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियाें का रुख रहा। सूत्रों के मुताबिक उससे अंदेशा जताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले जिन चिह्नित हुए 639 घरों पर नोटिस चिपकाए गए थे, वह सभी गिराए जाएंगे। तैयारी इतनी पुख्ता थी कि विरोध के स्वर फूट नहीं सके। नोकझोंक को शांत कराने में जरा सी भी देरी नहीं की गई। लोगों की भीड़ यह नजारा देखने को उमड़ी। हालांकि, इससे भी पुलिस व प्रशासन सूझबूझ के साथ निपटा। किसी तरह की कोई घटना न हो जाए। इसे देखते हुए पूरी सतर्कता बरती गई। अवैध कब्जे के तहत बने मकान में रहने वाले एक नजर टिकाए नम आंखों से आशियाना गिरते देखते रहे थे। बैरिकेडिंग से वाहनों की आवाजाही पर रोक लगी रही।
औरैया। दिबियापुर नहर बाजार में अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा रही। पैदल राहगीरों को निकलने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, पुलिस बल को भी भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। ज्यादातर लोगों में बुलडोजर से मकान तोड़ने की तस्वीर अपने मोबाइल में कैद करने की होड़ दिखी। जिससे कई बार मौके पर भगदड़ की स्थित भी देखी गई। हालांकि भारी पुलिस बल तैनात होने से तमाशबीन ज्यादा देर तक टिक नहीं सके।
औरैया। बिलराया पनवाड़ी राजमार्ग स्थित नहर बाजार में शनिवार को सिंचाई विभाग की जमीन से अवैध कब्जा हटाए जाने के दौरान कई मकानों और दुकानों में काफी सामान रखा हुआ था। जिसको निकालने के लिए कब्जेदारों को जल्दी से सामान निकालने के लिए मजदूर और ढुलाई के लिए लोडर की सख्त ज़रुरत दिखी। इस दौरान मजदूर और लोडर, ई-रिक्शा आदि वाहनों की कमी रही। लोडर चालकों और मजदूरों ने दोगुने से लेकर चौगुने तक दाम वसूले। प्रभावित लोगों ने मजबूरन मुंह मांगे दाम दिए।
दिबियापुर। शनिवार को नहर बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान तेजी से चला। दशकों से काबिज लोगों को यह कतई आभास नहीं था कि शनिवार को उनका आशियाना उनसे छिन जाएगा। हालांकि, शुक्रवार को जब मुनादी कराई गई तो संबंधित कब्जेदार ककोर गए। जहां उन्होंने डीएम से मिलने की कोशिश की। सूत्रों की माने तो डीएम ने इस संबंध में एडीएम से मिलने का हवाला दिया। बाद में कब्जेदार जब एडीएम से मिलने पहुंचे तो उन्होंने संबंधित लोगों को सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता से मिलने की बात कही।
बताते हैं कि कब्जेदारों को इससे यह स्पष्ट होने लगा था कि प्रशासन का रुख अब सख्त है। इसके बाद कब्जेदारों ने सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के कई जनप्रतिनिधियों से संपर्क साधा। लेकिन उनकी कोशिश कामयाब नहीं हो सकी। इस संबंध में दिबियापुर विधायक प्रदीप यादव ने बताया कि वह लखनऊ में हैं। उन्हें मामले की जानकारी शुक्रवार देर शाम हुई। जिस पर उन्होंने डीएम समेत अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड आदि अधिकारियों से फोन से बात की, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में भी तीन बार नोटिस दिए जा चुके हैं। विधायक ने कहा कि वह जल्द आकर प्रभावितों के रहने और रोजगार के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता करेंगे।
औरैया। पुलिस से लेकर प्रशासन का अमला शनिवार सुबह से शाम तक दिबियापुर नहर पुल के समीप अवैध कब्जों को ढहाने में जुटा रहा। दिनभर चली इस कवायद में डीएम नेहा प्रकाश से लेकर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व महेंद्र पाल सिंह व अन्य अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान मौके पर नहीं दिखे। सूत्रों की माने तो पल-पल मोबाइल से अधिकारी इस कवायद पर नजर टिकाए रहे। किसी तरह से अव्यवस्था न हो इसे लेकर तहसील से लेकर थाना कोतवाली समेत अन्य कर्मियों का अमला मैदान पर रहा।
औरैया। शाम छह बजे तक पुलिस व प्रशासन की देखरेख में 12 बुलडोजर अवैध अतिक्रमण को ढहाने में जुटे रहे। वहीं, शाम छह बजे के करीब इस कवायद को विराम दे दिया गया। अधिकारियों की माने तो कुल चिह्नित 45 अवैध कब्जों के सापेक्ष 70 फीसदी मकानों को ढहा दिया गया। शेष बचे 30 फीसदी अवैध कब्जों पर रविवार को बुलडोजर चलाया जाएगा।
औरैया। शनिवार को सुबह अतिक्रमण अभियान शुरू होते ही विद्युत विभाग के अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर दिबियापुर नगर के तीन फीडर भगवती गंज, ककराही बाजार और सैनिक नगर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। जिससे पूरे नगर की लगभग डेढ़ लाख आबादी इस उमस भरी गर्मी में बेहाल रही। पूरे दिन उपभोक्ता पेयजल व अन्य कामकाज के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। वहीं, सभी घरों के इन्वर्टर भी बैठ गए और एसी, कूलर पूरे दिन नहीं चले। इस बीच उपभोक्ता विद्युत विभाग के अधिकारियों को फोन पर संपर्क कर बिजली आने की जानकारी के लिए कोशिश करते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर बिना किसी सूचना के पूरे नगर की आपूर्ति बंद करने को लेकर आक्रोश जताया। इस बीच लोगों ने बिजली विभाग के अवर अभियंता से संपर्क करने का भी प्रयास किया, जिस पर उनके फोन पर घंटी जाती रही पर फोन नहीं उठा।
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