औरैया। दिबियापुर से सटे सेहुद में रविवार को भी सदर तहसील प्रशासन ने सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने का काम किया। भारी संख्या में मौजूद पुलिस फोर्स के साथ ट्रैक्टर व बुलडोजर से अवैध प्लाॅटिंग को ढहाते हुए सरकारी जमीन को सुरक्षित किया गया। 2.322 हेक्टेयर जमीन को कब्जे में लिया गया।
सदर एसडीएम राकेश कुमार सिंह, तहसीलदार अविनाश कुमार, राजस्व लेखपाल जय प्रताप व नागेश चतुर्वेदी समेत दिबियापुर थाना की फोर्स समेत दिबियापुर थाना प्रभारी मुकेश बाबू चौहान बुलडोजर के साथ दूसरे दिन औरैया रोड पर स्थित पीबीआरपी स्कूल के पास सेहुद पंचायत पहुंचे। 2,322 हेक्टेयर जमीन की पैमाइश हुई। इसमें कुछ जगह प्लाॅटिंग पाई गई व कुछ जगह पट्टे की इस पर बुलडोजर से अवैध प्लाॅटिंग व पट्टे को ढहा दिया गया।
भारी संख्या में इस दौरान लोगों की मौजूदगी देखने को मिली। एडीएम कोर्ट से जारी हुए आदेश के क्रम में पुलिस व प्रशासनिक अमला यहां पहुंचा था। एडीएम कोर्ट से जारी हुए आदेश में 230 लोगों के पट्टा आवंटन निरस्त किए गए हैं। फर्जी तरीके से जमीन पर काबिज हुए लोगों पर बेदखली की कार्रवाई की गई है। इस कड़ी में कई भवन भी आ रहे हैं।
ऐसे में पहले दिन सदर तहसील प्रशासन की ओर से महज एक हेक्टेयर सरकारी जमीन व दूसरे दिन 2,322 हेक्टेयर को सुरक्षित किया जा सका। कुछ ग्रामवासी अपने कागजात लेकर आए और अधिकारियों को दिखाए तो अधिकारियों ने नक्शा देखकर जांच पड़ताल की, जिनका फर्जी निकला। उनका तोड़ दिया और जिन लोगों का कुछ सही पाया तो वह जगह छोड़ दी गई।
सदर एसडीएम राकेश कुमार ने बताया की तीन घंटे चली कार्रवाई के दौरान 2.322 हेक्टेयर सरकारी जमीन को खाली कराया गया है। यहां पर गलत तरीके से पट्टे लेकर लोग काबिज हो गए थे। एडीएम कोर्ट से जारी हुए आदेश के बाद यह जमीन ग्राम सभा में दर्ज की गई है। बेदखली की कार्रवाई की जा रही है। लगातार अभियान चलाकर 230 प्लाॅटों को खाली कराया जाएगा। जहां पक्के मकान बने हैं, वहां नोटिस चस्पा किए जाएंगे। मलबा न हटाने पर उन्हें ढहाया जाएगा।
पूर्व प्रधान के कार्यकाल के पट्टों की होगी जांच
राजस्व अधिकारियों के मुताबिक सेहुद के पूर्व प्रधान राजेंद्र राजपूत ने ग्राम समाज की जमीन पर सरकारी खर्चे से रास्ता बना दिया था। उस रास्ते को भी तोड़ दिया गया। सूत्रों की माने तो पूर्व प्रधान के कार्यकाल के दौरान जितने पट्टे व काम हुए उनकी जांच करवाई जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।