औरैया। प्लाटिंग करने से पहले जिला पंचायत से अनुमति लेना अनिवार्य है लेकिन प्लाटिंग कारोबारी इसकी जहमत नहीं उठा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने इस मनमानी को लेकर सख्त रुख अख्तियार किया है। सदर तहसील क्षेत्र के सेहुद में बिना अनुमति कराई गई पांच एकड़ प्लाटिंग को बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन ने बुलडोजर चलवाते हुए ध्वस्त करा दिया। नींव को ध्वस्त करते हुए कारोबारियों को चेताया गया।
सदर एसडीएम अजय आनंद वर्मा बृहस्पतिवार को सेहुद पहुंचे। यहां पर लेखपालों के साथ पांच एकड़ प्लाटिंग की पैमाइश कराई गई। औरैया-दिबियापुर सड़क से सटी गाटा संख्या-2409 पर की गई अवैध प्लाटिंग को दिबियापुर पुलिस की मौजूदगी में ध्वस्त करा दिया गया। ध्वस्तीकरण कराने वाली इस टीम में सदर एसडीएम अजय आनंद वर्मा के साथ जिला पंचायत औरैया के अपर मुख्य अधिकारी सुभाष चंद्र भारतीय भी मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाते समय प्लाटिंग कारोबारियों ने काफी विरोध भी किया। एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने मामले को शांत कराया।
एसडीएम सदर ने बताया कि ध्वस्तीकरण से पहले प्लाटिंग करने वालों को नियमानुसार नोटिस भी दिया गया था। परंतु उनके द्वारा कोई भी जवाब नहीं दिया गया। प्लाटिंग को वैध कराने के लिए कोई भी प्रक्रिया नहीं की गई। एसडीएम ने इस दौरान चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य अवैध कब्जों पर रोक लगाना और सरकारी भूमि की सुरक्षा करना है। इसके बाद टीम उमरी पहुंची। जहां पर कब्रिस्तान की जमीन को कब्जामुक्त कराया गया।