औरैया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नौवां बजट रविवार को प्रस्तुत किया। इसमें मोबाइल, टैबलेट सस्ते होने, विभिन्न उत्पाद बनाने वाली महिलाओं के लिए शी मार्ट, युवाओं को टूरिज्म गाइड के रूप में ट्रेंड करने की बात कही गई।
इसके साथ ही जिला अस्पतालों को अपडेट करने, एमएसएमई में ऋण सीमा बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण एलान किए गए। इसको लेकर जिले में विभिन्न वर्ग के लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया सामने आई। यह बजट किसी को दूरदर्शी लगा तो किसी ने इसे निराशाजनक बताया।
रविवार को लाेग टीवी व मोबाइल पर बजट देखकर इसे समझने का प्रयास करते रहे। लोगों के बीच बजट से क्या मिला को लेकर चर्चाएं होती रहीं। किसान, युवा, महिलाएं, उद्यमी सभी यह जानने का प्रयास करते रहे कि बजट का उनकी जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा। उधर, अर्थशास्त्री बजट को विकसित भारत की ओर कदम के रूप में देख रहे हैं।
दीर्घकालीन आर्थिक दृष्टि का खाका है बजट
यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक दीर्घकालीन आर्थिक दृष्टि का खाका है, इसमें विकास, तकनीक, रोजगार और वित्तीय अनुशासन को साथ लेकर चलने का प्रयास किया गया है। बजट का सबसे बड़ा फोकस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर है। यह कदम छोटे कारोबारियों की नकदी समस्या को हल करेगा और रोजगार के अवसर बढ़ाएगा।
- नकुल देववंशी, अर्थशास्त्र प्रवक्ता, जनता इंटर कॉलेज अजीतमल
बजट संतुलित और प्रभावशाली साबित होगा
केंद्रीय बजट विकास और स्थिरता पर केंद्रित है। यह संरचनात्मक सुधार, उच्च सार्वजनिक निवेश, कृषि, एमएसएमई, शिक्षा, स्वास्थ्य और हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन देकर आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन एवं निर्यातोन्मुखी दृष्टिकोण को दर्शाता है । हालांकि बजट प्रस्तुत होने के बाद शेयर बाजार में गिरावट आई है, लेकिन बजट संतुलित और प्रभावशाली साबित होगा।
- रजत दुबे, अर्थशास्त्री
फोटो-27-भाजपा कार्यालय में टीवी पर बजट देखते कार्यकर्ता। संवाद
फोटो-27-भाजपा कार्यालय में टीवी पर बजट देखते कार्यकर्ता। संवाद