एरवाकटरा। थाना क्षेत्र के तकिया गांव में सोमवार सुबह तड़के घर के बाहर सो रहे मां-बेटे पर हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया था। मामले में उपचार के दौरान हुई बेटे की मौत के बाद शुक्रवार को गमगीन माहौल में गांव में अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। वहीं भाई ने अज्ञात हमलावर के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
गांव तकिया में सोमवार तड़के हमलावरों ने घर के बाहर सो रहीं रामदेवी (68) और उनके पुत्र सुरेंद्र कुमार यादव उर्फ भगत (44) को घायल कर दिया था। दोनों का सैफई में इलाज चल रहा था। जहां इलाज के दौरान गुरुवार शाम को सुरेंद्र कुमार उर्फ भगत ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार शाम को करीब चार बजे मृतक सुरेंद्र कुमार उर्फ भगत का शव पोस्टमार्टम के बाद पैतृक गांव तकिया लाया गया।
शव आने की सूचना मिलने पर पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार देर शाम को पुलिस सुरक्षा के बीच मृतक सुरेंद्र उर्फ भगत का अंतिम संस्कार मृतक के बड़े भाई वीरेंद्र कुमार द्वारा मुखाग्नि देकर किया गया। वहीं घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी रामदेवी को होश नहीं आ सका है। वह सैफई हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हमलावरों तक पहुंचने में नाकाम रही है। इससे पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे है। तकिया गांव के लोगों में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने से काफी असंतोष दिखाई पड़ा। सुरेंद्र कुमार यादव के अंतिम संस्कार के दौरान यह चर्चा होती रही।