बिधूना। तहसील क्षेत्र के मार्गों पर रजवाहों की कई पुलियों से रेलिंग लापता हैं। जहां तहां बनी भी हैं तो टूट चुकी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार विभाग की अनदेखी के चलते कई सालों से पुलियों पर रेलिंग नहीं बनवाई गई है। ऐसे में मार्ग पर फर्राटा भरने वाले वाहनों के इन पुलियों की चपेट में आकर हादसे की संभावना बनी रहती है। कोहरे की धुंध में यह खतरा और बढ़ जाता है।
बिधूना-अछल्दा मार्ग पर दूध डेरी के पास कई वर्षों से बिना रेलिंग की पुलिया से बड़े वाहन कोहरे में गुजरते हैं। वहीं तहसील क्षेत्र के रुरुगंज-कुदरकोट मार्ग पर पंचवटी मंदिर के पास से खरगपुर रजवाहा गुजरा है। जिसकी पुलिया की रेलिंग लगभग पांच वर्षों से टूटी पड़ी है। इस मार्ग पर कछपुरा, सराय महाजनान, कोठी, मसूदपुर, लक्ष्मणपुर, मसूदपुर, इकघरा, गोपालपुर व कुदरकोट समेत लगभग 20 गांवों को जाने का रास्ता है। इस पुलिया से हल्के और भारी वाहनों का आवागमन दिन-रात रहता है।
वहां भिखरा गांव के सामने रूपपुर कटरा व विमटामऊ, खरगपुर, पूर्वा बसता को जाने वाले मार्ग पर सराय गांव के सामने विकूपुर माइनर पर बनी पुलिया की रेलिंग भी 10 सालों से टूटी है। इस पुलिया के पास मोड़ होने के चलते राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण गोविंद प्रताप सिंह, वीरू सिंह, शिवम राठौर, राजेश सिंह, रामविलास सिंह, विपिन कुमार आदि का कहना है कि इन मार्गों से गुजरने में हादसों का डर बना रहता है। कई बार बाइक सवार इन पुलियों से रजबहों में गिरकर चुटहिल हो चुके हैं। हांलाकि कई बार जिला प्रशासन से इन पुलियों की रेलिंग बनवाए जाने की मांग की जा चुकी है। लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक ध्यान नहीं दिया है।
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बोले जिम्मेदार
बिधूना तहसील क्षेत्र में जिन मार्गों पर पुलिया बिना रेलिंग की है, या टूटी हुई हैं। उन्हें चिह्नित कर रहे हैं। जल्द बजट मिलते ही इन पुलियों को रेलिंग की सुरक्षा दी जाएगी। -विनोद कुमार, क्षेत्रीय अधिशासी अभियंता