केंद्र सरकार से प्रदेश के ईट निर्माताओं पर थोपे जा रहे पर्यावरण को लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र के नए नियम के विरोध में जिले के ईंट निर्माता एकजुट हो गए हैं।
भट्टा संचालन में अचानक पेश आई पर्यावरण दुश्वारियों से निपटने को रविवार को जनपद ईंट निर्माता समिति की बैठक महाराणा प्रताप भवन में हुई। इसमें ईंट निर्माताओं ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए श्रमिकों को एडवांस देने के साथ ही आगामी सीजन में भट्टों पर कोयला तक डंप न करने का निर्णय लिया।
बैठक में जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह कुशवाह की मौजूदगी में भट्टा मालिकों ने 10 जून 2015 को प्रांतीय समिति की बैठक में पारित किए गए प्रस्तावों का अनुमोदन किया।
जिला मंत्री सतीश शुक्ला ने कहा कि जब तक इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं होता है, तब तक जिले के भट्टे आगामी सीजन में बंद रहेंगे। इस दौरान कोई भी भट्टा मालिक श्रमिकों को एडवांस रुपये नहीं देगा और न ही अगले सत्र के लिए कोयला डंप करेगा।
समिति के पदाधिकारियों ने इस समस्या से निपटने के लिए भट्टा स्वामी सतीश सिंह सेंगर की अध्यक्षता में संघर्ष समिति का गठन किया। संघर्ष समिति में एवरन सिंह यादव को महामंत्री नामित किया गया है।
बैठक मेें गिरीश तिवारी, शैलेंद्र अवस्थी, रवींद्र सिंह तोमर, सुरेंद्र कुमार दुबे, अनिल कुमार गुप्ता, रमन कुमार यादव, प्रेमकांत अवस्थी आदि ईंट निर्माता मौजूद रहे।