आज प्रदेश में ब्राह्मणों के उत्पीड़न की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। सपा शासन में ब्राह्मण समाज अपने को भयभीत और असुरक्षित महसूस कर रहा है, जबकि बसपा सरकार की ब्राह्मण विरोधी क्रियाकलापों से तंग आकर समाज ने सपा की सरकार लाने में योगदान किया था।
समाज को कुछ देने की बात दूर, बल्कि प्रदेश में ब्राह्मण समाज के साथ बदले की भावना से उत्पीड़न, हत्या, शोषण और उनकी जमीन पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं।
कमला लाज में वार्ता के दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश का ब्राह्मण समाज अपनी गलती का अहसास कर रहा है। आगामी 2017 के चुनाव में ब्राह्मण समाज उत्पीड़न का जबाव देने को तैयार बैठा है। प्रदेश विकास की जगह विनाश की ओर अग्रसर है। सिर्फ एक परिवार का विकास जोरों पर है।
कहा कि उच्चतम न्यायालय के अनुसार पीड़ित महिला का बयान ही अपराधी को सजा दिलाने के लिए पर्याप्त है। लखनऊ की सरिता द्विवेदी ने पुलिस भर्ती में आरक्षण की विकृत व्यवस्था और सरकार की गलत नीतियों से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली।
मौत से पूर्व उसने सुसाइड नोट लिखकर अपने मौत के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन आज तक उस गरीब पीड़ित ब्राह्मण को न्याय नहीं मिल सका। वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष अजंनी कुमार त्रिपाठी, विष्णु चतुर्वेदी, देवीशरण द्विवेदी, राजेश पांडेय, मयंक द्विवेदी, राकेश तिवारी, सर्वेश तिवारी मौजूद रहे।