औरैया। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद तीसर लहर की आशंका के बीच लोगों की लापरवाही फिर भारी पड़ सकती है। मौत के आंकड़ों में बाजीगरी करने में माहिर स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को कोरोना संक्रमण से दो और मौतें होने की पुष्टि की है। वहीं एरवाकटरा ब्लॉक में चार वर्षीय मासूम संक्रमित मिला है। इससे स्वास्थ्य अधिकारियों में हड़कंप मचा है।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि ऐरवाकटरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव खान जहांपुर निवासी चार वर्षीय बालक संक्रमित मिला है। बच्चे के बीमार होने पर परिजन उसे सैफई अस्पताल ले गए थे। जहां उसकी जांच कराई तो कोरोना की पुष्टि हुई। सैफई से ही रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट की गई है।
रविवार को विभाग ने शहर के मोहल्ला नरायनपुर निवासी 48 वर्षीय पुरुष और सदर ब्लॉक के गांव जौरा निवासी 70 वर्षीय वृद्ध के कोरोना से मौत होने की पुष्टि कर आंकड़ा अपडेट किया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि ये मौत कुछ दिन पहले की है, जिन्हें विभाग ने अपडेट नहीं किया था। अब तक जिले में बच्चों के संक्रमित मिलने की संख्या न के बराबर थी। अधिकारी भी बच्चे के संक्रमित मिलने के बाद तीसरी लहर शुरू होने के संकेत दे रहे हैं।
मृतकों की संख्या 189 पहुंची
जिले में अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 189 हो गई है। डॉक्टरों ने बताया कि रविवार को दो मरीज कोरोना से ठीक हुए हैं। एक्टिव केसों की संख्या चार बची है। जो जिले के बाहर के प्राइवेट कोविड अस्पतालों में भर्ती हैं।
इस तरह हो रही जांच
स्वास्थ्य टीमों ने रविवार को शिविर लगाकर 1752 सैंपल लिए। इसमें आरटीपीसीआर के 1072 सैंपल लिए गए और 680 सैंपल एंटीजन के लिए गए। अब तक दो लाख 15 हजार 633 आरटीपीसीआर सैंपल लिए जा चुके हैं।
पीकू वार्ड तैयार पर जरूरी उपकरण नहीं
तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां अधूरी हैं। चिचौली स्थित कोविड अस्पताल में बच्चों के लिए पीकू वार्ड तो तैयार हो चुका है, लेकिन वहां उपकरण अभी तक नहीं जुटाए जा सके हैं। न ही मौजूद उपकरणों को चलाने के लिए योग्य चिकित्सकों की तैनाती है। पीकू वार्ड में तैनात किए गए बाल रोग विशेषज्ञ का जिले से स्थानांतरण भी हो गया है। हालांकि चिकित्सक को अभी रिलीफ नहीं किया गया है।
ऑक्सीजन प्लांट की मशीनें खा रहीं धूल
चिचौली अस्पताल में ऑक्सीजन के दो प्लांट लगाए जाने हैं। प्लांट लगाने की तैयारी दूसरी लहर आने के दौरान ही शुरू हुई थी। दूसरी लहर समाप्त हो गई लेकिन प्लांट नहीं लग सका। केवल 200 बेडों तक ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने का काम किया गया है। प्लांट के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर, मशीनें व जेनरेटर भी आ चुके हैं। जो मैदान में पड़े हैं।