बेला (औरैया)। थाना क्षेत्र के गांव सिरयावा में रविवार दोपहर बकरियां चराने गया एक 12 वर्षीय बालक बंबे में डूब गया।
देर शाम बकरियां तो घर लौट आईं लेकिन बालक वापस नहीं आया। सोमवार दोपहर करीब 16 घंटे बाद गांव से दो किलोमीटर दूर बंबे में एक पीपल के पेड़ के पास बालक का शव बरामद हुआ।
कानपुर देहात के थाना रसूलाबाद क्षेत्र के गांव बिलाहा निवासी ओमबाबू का 12 वर्षीय इकलौता बेटा सोनू माथुर पिछले तीन साल से थाना क्षेत्र के गांव सिरयावा गांव में अपनी बुआ रेशमा के यहां रहकर पढ़ाई कर रहा था। रविवार छुट्टी के दिन वो दोपहर में बकरियां चराने गांव के बाहर गया था। ग्रामीणों ने उसे बंबे की पटरी पर देखा था लेकिन शाम को सिर्फ बकरियां घर पहुंचीं। सोनू के लापता होने पर परिजन ने अनहोनी की आशंका जताते हुए सूचना दी।
मौके पर सीओ बिधूना पी पुनीत मिश्रा, बिधूना कोतवाल विनेश सिंह जादौन और प्रभारी थानाध्यक्ष अनिलेश कुमार फोर्स के साथ पहुंचे। नायब तहसीलदार बिधूना भी मौके पर आए। देर रात तक तलाश के बाद जब सफलता नहीं मिली तो सीओ ने बंबे का पानी रुकवाया। सोमवार सुबह परिजन और ग्रामीणों ने खुद बंबे में उतरकर तलाश शुरू की।
गांव बराहार के पास बने फाटक को खोलकर बंबे का पानी पांडु नदी में डायवर्जन किया गया। पानी कम होने पर दोपहर करीब दो बजे सोनू का शव झाड़ियों में फंसा मिला। शव मिलने के बाद परिजन में कोहराम मच गया। सीओ पी पुनीत मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बुझ गया घर का इकलौता चिराग, बीमार मां-बहन का सहारा था सोनू
सोनू अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी बड़ी बहन सोनम (15) और मां पप्पी मानसिक रूप से बीमार हैं। गरीबी और तंगहाली के कारण पिता ने सोनू के अच्छे पालन-पोषण के लिए उसे अपनी बहन रेशमा को सौंप दिया था। वह यहां प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार का छात्र था।
फोटो-31- सोनू। फाइल फोटो