बिजली की अंधाधुंध कटौती से खफा उपभोक्ता और व्यापारी
सड़कों पर उतर आए। लोगों ने भाजपाइयों के नेतृत्व में सुभाष चौक पर
मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और नारेबाजी की।
महीने भर से शहर की
बिजली आपूर्ति व्यवस्था बदहाल है। हालत यह है कि कटौती के शेड्यूल के बाद
भी पूरे-पूरे दिन बिजली गायब रहती है। इससे लोग परेशान हैं। बिजली कटौती के
खिलाफ रविवार को सुभाष चौक चौराहे पर भाजयुमो पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव का पुतला फूंका।
साथ ही सीएम और आजम खां के विरोध में
नारेबाजी की। भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष विशाल शुक्ला ने कहा कि इटावा और
औरैया को एक बताने वाले सत्ताधारी नेता औरैया जिले के साथ सौतेला व्यवहार
कर रहे हैं। इटावा, मैनपुरी और कन्नौज में 22 से 24 घंटे बिजली दी जा रही
है, जबकि औरैया में निर्धारित 15 घंटे भी बिजली मुहैया नहीं हो रही है।
इससे
शहर में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हैं। नगर अध्यक्ष अंकित त्रिपाठी ने
कहा कि बिना आईएसआई मार्का गुणवत्ता रहित मीटर घर-घर लगाने का अभियान चलाकर
उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है। हालत यह है कि एक सप्ताह में ही लोड न
होने पर भी दो से तीन हजार रुपये बिजली बिल आ रहे हैं।
भाजयुमो
पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जिले की बिजली आपूर्ति में जल्द सुधार न
किया गया तो जिलाधिकारी का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान दो-चार
होमगार्ड सुभाष चौक के किनारे बने पुलिस पिकेट प्वाइंट पर बैठे थे। पुतला
फूंकते देख इधर-उधर निकल लिए।
उधर, सूचना मिलने के लगभग आधा घंटे
बाद पुतला फूंकने व प्रदर्शन करने वालों की तलाश में पहुंची पुलिस सुभाष
चौक पर चक्कर लगाकर वापस लौट गई।
प्रदर्शनकारियों में रजत त्रिपाठी,
नमन पांडेय, रतन अवस्थी, आलोक, दानेश, सूरज, गांधी, मलिक शुक्ला,
बालकृष्ण, परशुराम सेना जिलाध्यक्ष शुभम द्विवेदी, मोनू गुप्ता,पवन परिहार,
लाले पोरवाल, सचिन चौहान, हरप्रीत सिंह कौर, अभिषेक राठौर में शामिल रहे।