गंगा दशहरा पर औैरैया से बिठूर गंगा नहाने आया एक ट्रैक्टर सवारियों को उतारने के बाद पार्किंग में बने कुएं में समा गया। हादसे की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड के जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और तीन घंटे की कड़ी मशक्कत से ट्रैक्टर और उसके नीचे दबा ड्राइवर का शव को बाहर निकाला।
औरैया बरमोपुर गल्लामंडी निवासी चंद्रशेखर (26) किसान थे। घर में मां अमरवती, पत्नी लाली और दो बच्चे हैं। चंद्रशेखर के पिता सुरेश का कुछ दिन पहले निधन हो गया था। गंगादशहरा पर गंगा नहाने और पिता की अस्थि विसर्जन कि लिए मंगलवार रात को चाचा श्यामबाबू, बहन संजू, बुआ शगुना सहित 25 लोग गांव से ट्रैक्टर से बिठूर आए थे। चाचा श्यामबाबू सिंह ने बताया कि बुधवार भोर में बिठूर पहुंचने के बाद चौबेपुर-मैनावती मार्ग शनिदेव चौराहा पार्किंग स्थल पर सभी लोग ट्रैक्टर से उतरकर गंगा नहाने चले गए।
इसके बाद चंद्रशेखर पार्किंग स्थल पर ट्रैक्टर खड़ा करने के लिए बैक कर रहे थे। इसी दौरान पर्किंग स्थल में बने समतल कुंए (बगैर जगत का कुआं) में ट्रॉली सहित पूरा ट्रैक्टर समा गया। हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने पुलिस कंट्रोलरूम पर सूचना दी। पुलिस, फायर ब्रिगेड के जवान मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तीन घंटे की कड़ी मशक्कत से सुबह 7 बजे बाद हाईड्रोलिक क्रेन के जरिए ट्रैक्टर को बाहर निकाला। चंद्रशेखर का शव ट्रैक्टर ट्रॉली के नीचे दबा मिला। शव देखते ही कोहराम मच गया। एसओ ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अगर कोई तहरीर देंगे तो आगे कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा हादसा होते टला
जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते कुएं के बगल चारों तरफ पार्किंग बना दी और सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया था। यदि सवारियों भरा ट्रैक्टर कुएं में पलट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के बाद कुएं के चारो तरफ सुरक्षा का इंतजाम कर दिया गया। परिजनों ने कहा कि जिला प्रशसान की लापरवाही के चलते हादसा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि सैकड़ों साल पुराना कुआं बहुत चौड़ा है। इसी के चलते पूरा ट्रैक्टर कुएं में समा गया।