अजीतमल। प्रदेश सरकार की ओर से एक मुश्त समाधान योजना के तहत बकायेदार का निर्धारित नियमों के तहत शत-प्रतिशत ब्याज माफ किया जाना था। जिसके लिए बकायेदारों से योजना के दौरान रजिस्ट्रेशन कराकर योजना का लाभ लेने की अपील की गई थी। अहम बात यह है कि रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी उपभोक्ता का विभाग की ओर से बढ़ा बिल भेज दिया गया है। ऐसे में अब उपभोक्ता बढ़े हुए बिल को संशोधित कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है। पर कोई सुनने वाला नहीं है। पीड़ित ने अधिशासी अभियंता को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव मुड़ैना रूप शाह निवासी बिजली उपभोक्ता गया प्रसाद पुत्र गयादीन ने अधिशासी अभियंता औरैया को प्रार्थनापत्र देते हुए बताया कि उसके घर पर घरेलू बिजली कनेक्शन है। जिसका नंबर 4340484000 व मीटर संख्या 8171830 है। बताया कि नवंबर 2023 में मोबाइल से रीडिंग की वीडियो बनाकर उपखंड अधिकारी अजीतमल को दिखाकर बिल बनवाया था। जिसमें उनकी ओर से 84 हजार रूपये का बिल बताया गया था। जिस पर उसने जमा करने के लिए ओटीएस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवा दिया था। बकाया जमा करने के लिए 13106 व 2889 रुपये की कुल 12 किस्तों में बकाया जमा करने को कहा गया था।
पीड़ित ने बताया कि जिसके चलते उसने दिसंबर में 13106 व 2889 कुल 15992 रूपया जमा करवा दिए थे। तथा जनवरी माह में 2889 मासिक किस्त भी जमा करवा दी थी। बताया कि इसके बाद बिजली विभाग की ओर से उसे 75153 रूपये का बिल भेज दिया गया है। पीड़ित ने बताया कि रुपये जमा करने के बाद भी जमा कराई धनराशि बिना एडजस्ट किए ही बिजली विभाग की ओर से इतनी अधिक धनराशि का भेजा गया बिल देखकर उसके होश फाख्ता हैं। जिसे सही कराने के लिए अब वह बिजली विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर है। बिजली उपकेंद्र के उपखण्ड अधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि मीटर में पिछली रीडिंग जमा थी। जिसके हिसाब से बिल बना है। मीटर से नहीं बिल से इनका ओटीएस रजिस्ट्रेशन किया गया था। फिर भी जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। जिससे उपभोक्ता काे परेशान न होना पड़े।