घटनास्थल पर रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
सहायल-दिबियापुर मार्ग पर बाइक फिसलने से बाइक सवार पुस्तक विक्रेता की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंचे परिजनों से सिर्फ गले की चोट से मौत होने पर हत्या का संदेह जताया। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि केवल बाइक फिसली है। इस पर लोग शांत हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाइक सवार ने हेलमेट नहीं लगाया था।
आचार्य कालोनी निवासी नरेश पोरवाल (45) पुत्र गौरीशंकर सुबह करीब सवा 8 बजे ग्राम खजुवैया दूध लेने जा रहे थे। सहायल तिराहे के पास उनकी बाइक फिसल गई। आसपास के लोग दौड़े तो देखा कि नरेश के गले से खून बह रहा है। लोगों ने कपड़ा रखकर खून बंद करने का प्रयास किया। लेकिन कुछ ही देर में नरेश की मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने बाइक फिसलने से गले में चोट लगने पर संदेह जताया। हत्या का आरोप भी लगाया। इस बीच प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह पहुंचे। उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ की तो सभी ने हादसे की बात कही। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने को राजी हुए। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बाइक में लगे किसी पुर्जे के लगने से नरेश की मौत हुई है।
संतान की तमन्ना रह गई अधूरी
करीब 15 वर्ष पहले नरेश पोरवाल की मंजू से शादी हुई थी। लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। इस बीच उन्होंने लावारिस मिले एक नवजात को गोद लिया। लेकिन ठंड लगने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद एक डेढ़ लावारिस बच्चे को उन्होंने आश्रय दिया। लेकिन अखबार में खबर छपने के बाद बच्चे के माता पिता आए और उसे ले गए।