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बैरंग लौटी पुलिस, नहीं करा सकी कब्जा

Mon, 11 May 2015 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
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विवादित जमीन पर कब्जा दिलाने जाने को लेकर रविवार को कस्बा बाबरपुर देर शाम तक छावनी में तब्दील रहा। कब्जा दिलाए जाते समय महिलाओं द्वारा झोपड़ी में आग लगा देने से मामले ने तूल पकड़ लिया। मामले का समझौता कराने को लेकर प्रशासन ने लाख प्रयास किए, लेकिन वह सभी बेकार साबित हुए।
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मामले को बढ़ते देख कस्बे में आठ थानों की पुलिस समेत पुलिस लाइन से पुलिसकर्मी बुलाए गए थे। जिले के अधिकारी मामला शांत कराने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन मामला शांत नहीं हो सका था।


 
कस्बा स्थित एक कोल्ड स्टोरेज की जमीन पर कई दशक पूर्व ईंट भट्टा संचालित होता था। इसी जमीन पर कुछ वर्ष पूर्व गांव के शिवनाथ, सीताराम व बबलू आदि ने झोपड़ी डालकर कब्जा कर रहे थे।
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जमीन के स्वामित्व को लेकर संजीव कुमार, राजेश कुमार, बृजेश कुमार आदि का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसी मामले में कोर्ट के निर्णय पर तीसरे पक्ष को कब्जा दिलाना था।



 
रविवार की सुबह तहसीलदार, सीओ, एसडीएम सदर जितेंद्र श्रीवास्तव, कोतवाल केडी यादव मौके पर गए थे। उसी दौरान कुछ महिलाओं ने झोपड़ी में आग लगा दी और कोल्ड स्टोरेज मालिक संजीव दुबे पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया।



मामले को बढ़ता देख जिला प्रशासन ने आठ थानों की पुलिस समेत जनपद की पुलिस मौजूद रही। जिला प्रशासन ने कब्जा दिलाने का काफी प्रयास किया, लेकिन कब्जा नहीं दिलाया जा सका। कब्जा दिलाए जाने को लेकर दोपहर से लेकर देर शाम तक मामला तूल पकड़े रहा।



पुलिस व अवैध कब्जेदारों के बीच काफी कहासुनी हुई। बाद में पुलिस ने लाठियां भी पटकी, लेकिन जगह पर कब्जा नहीं दिला सकी।



 
इस संबंध में उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि उपजिलाधिकारी अजीतमल के अवकाश पर होेने के  कारण उन्हें मौके पर भेजा गया था। पूरी जानकारी मुझे नहीं थी। अब एसडीएम अजीतमल ब्रजपाल के आने पर ही अगली कार्रवाई हो सकेगी।
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