औरैया। जिले में उद्योग लगाने के लिए बैंक वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1706 करोड़ का लोन देंगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक के दौरान नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से विकास पर विशेष जोर दिया है।
डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में मुख्यालय सभागार में सोमवार को बैठक हुई। इसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। जनपद में नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से आधारभूत संरचना के विकास पर जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त किसान क्रेडिट कार्ड, ऋण जमानुपात, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की समीक्षा की गई। इसके अलावा एक जनपद एक उत्पाद योजना, माटीकला, वार्षिक ऋण योजना, स्वयं सहायता समहू, पीएम स्वनिधि आदि योजनाओं की भी समीक्षा की।
सीडीओ रामसुमेर गौतम ने कहा कि सभी बैंक सरकारी योजनाओं में ज्यादा से ज्यादा ऋण वितरित करें। जनपद में ऋण-जमानुपात को लेकर चिंता व्यक्त की गई। इसको लेकर बैंकों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक बैंक का ऋण-जमानुपात किसी भी दशा में 50 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए।
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा तैयार किए गए औरैया जनपद की ऋण योजना (पीएलपी) 2025-26 का विमोचन डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने किया। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 1706 करोड़ के बैंक ऋण का आकलन नाबार्ड ने किया है। जो वर्तमान वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित वित्तीय लक्ष्यों की तुलना में 21 प्रतिशत से ज्यादा है।
जिला अग्रणी प्रबंधक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि सभी बैंकों को इस संबंध में दिशा निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड अरुण कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व महेंद्र पाल सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।