कंचौसी (औरैया)। विभिन्न योजनाओं के तहत लिया गया ऋण समय से न चुकाने पर यहां की सेंट्रल बैंक की शाखा ने तकरीबन दो सौ खाते लॉक कर दिए। इससे खाताधारक परेशान हैं। ऋण की समय से अदायगी न करने में जिनके खाते लॉक किए गए हैं, उनमें अधिकांश किसान हैं। मंगलवार को बैंक की शाखा के बाहर खाता लॉक होने से परेशान किसानों की भीड़ लगी रही।
कोरोना संक्रमण को लेकर लॉकडाउन के चलते तीन महीने से सीमांत, लघु सीमांत और छोटे किसानों के सामने आर्थिक संकट है। खेती के लिए बीज, खाद, जुताई व बुवाई के लिए भी पैसा जुटा पाना मुश्किल हो रहा है। किसानों को सब्जी, तरबूज व खरबूजा की फसल में भी घाटा हुआ है। किसानों का कहना है कि ऐसे में खेती किसानी व अन्य योजनाओं के तहत लिया गया ऋण समय से अदा करने में अड़चन आई है। कर्ज समय से न लौटाने पर ब्याज अधिक होने के कारण प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का तीन किस्तों में मिला छह हजार रुपये बैंक अधिकारियों ने लोन खाते में जमा कर दिया। वहीं, कुछ के खातों से निकासी बंद कर दी। इसमें कुछ स्वयं सहायता समूह से जुड़े बकाया खातेदार भी शामिल हैं।
किसान प्रदीप कुमार, मुकुट सिंह, बेचे लाल, राम प्रकाश, श्याम सिंह, दिनेश कुमार, प्रेम शंकर, हरी बाबू, राम मिलन, राकेश कुमार व छुन्नी बाबू आदि का कहना है कि उनके केसीसी खाते में ऋण बकाया होने के कारण पीएम सम्मान राशि की निकासी बकाया में जमा कर दी गई है। अब मनरेगा में मजदूरी कर रहे हैं। वह भी खाते से मिलती है, उसे भी रोक कर बैंक लोन में जमा हो जाता है। इससे अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
इस संबंध में सेंट्रल बैंक के प्रबंधक रवि वर्मा ने बताया कि किसानों ने जमीन के साथ अन्य योजनाओं से लिया ऋण जमा नहीं किया है। बहुत से खाते लॉक हो गए हैं। पैसे जमा न करने पर लगभग दो सौ खाते बंद कर दिए गए हैं।