अनंतराम। क्षेत्र के ग्राम भूरेपुर कलां स्थित साधन सहकारी समिति बड़ेरा पिछले बीस वर्षों से बंद पड़ी है। देखरेख व संचालन न होने से यह समिति खंडहर में तब्दील हो चुकी है। इससे आसपास के किसानों को दूरस्थ समितियों से खाद व बीज लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि समय-समय पर शिकायतें और ज्ञापन देने के बावजूद प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, लेकिन साधन सहकारी समितियों को ताले लगाकर छोड़ दिया गया है। इससे किसानों में भारी रोष व्याप्त है। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि समिति का भवन जर्जर हालत में है। चारों ओर झाड़ियां और मलबा फैला है।
समिति के अध्यक्ष प्रतिनिधि जंग बहादुर सिंह का कहना है कि समिति वर्षों से बंद पड़ी है। इसे शुरू करवाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। एआर, कोऑपरेटिव संजीव कुमार ने बताया कि साधन सहकारी समिति वर्ष 2004 से बंद पड़ी है। उसको शुरू करने की कार्रवाई चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही समिति चालू हो जाएगी।
नुकसान हो रहा
अगर समिति चालू होती तो समय पर उन्हें खाद मिल जाती। मजबूरी में बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ती है। इससे नुकसान हो रहा है।
-शिव किशोर
जल्द चालू हो
समिति बंद होने से छोटे किसानों की हालत ज्यादा खराब है। उनकी मांग है कि सरकार को बंद पड़ी समिति को जल्द चालू कराना चाहिए।
-अर्जुन सिंह
समिति शुरू कराई जाए
बड़ेरा समिति पिछले बीस वर्षों से बंद है। यदि यह समिति शुरू करा दी जाए तो क्षेत्रीय किसानों को समय पर खाद व बीज का लाभ मिल सकता है। -जयपाल सिंह
आर्थिक नुकसान हो रहा
सहकारी समिति बंद होने से किसानों को बाजार से खाद खरीदनी पड़ती है। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
-गजेंद्र सिंह
फोटो-12-खंडहर में तब्दील साधन सहकारी समिति। संवाद- फोटो : bhadrawah news
फोटो-12-खंडहर में तब्दील साधन सहकारी समिति। संवाद- फोटो : bhadrawah news
फोटो-12-खंडहर में तब्दील साधन सहकारी समिति। संवाद- फोटो : bhadrawah news