उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश के सौजन्य से भूमंडीकरण का दौर और समाजवाद विषय पर दो दिवसीय सेमीनार का शनिवार को शुभारंभ हुआ। सेमीनार का शुभारंभ विधायक दिबियापुर प्रदीप यादव एवं दर्जा प्राप्त पूर्व राज्यमंत्री चौ.रामबाबू यादव ने किया। उद्घाटन सत्र में कई समाजवादी चिंतकों ने विचार व्यक्त किए।
विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि समाजवाद का चिंतन जातिगत आधार पर करने की आवश्यकता नहीं हैं। अपितु सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक रुप से पिछड़े लोगों को अग्रिम पंक्ति में लाकर समाजवाद का असली बखान किया जा सकता है।
दर्जा प्राप्त पूर्व राज्यमंत्री चौ.रामबाबू यादव ने कहा कि आज दुनिया में कई अवधारणाओं एवं दर्शन को अपनाया गया है। परंतु किसी एक दर्शन के चक्कर में न पड़कर हम सभी को ऐसी अवधारणा को अपनाना होगा, जिसमें पिछली पंक्ति में बैठा व्यक्ति आगे आ सके।
कन्नौज के साहित्यकार डा. जीवन शुक्ला ने कहा कि आज का राजनेता बुद्धिजीवियों से दूर भागता है, जबकि डा. राम मनोहर लोहिया बुद्धिजीवियों से जुड़े और वैचारिक क्रांति लाने में सफल हुए। आचार्य नरेंद्र देव एवं डा. लोहिया ने समाजवाद के मुद्दे को जोरदारी से उठाया।
पूर्व प्राचार्य डा. अजब सिंह ने कहा कि समाजवाद के लिए हम सभी को मिलकर पुरुषार्थ और संघर्ष करना होगा।
प्राचार्य डा.डीपी सिंह ने कहा कि समाजवादी योद्धाओं ने भारतीय समाजवाद को रूपांतरण की एक ऐसी समग्र एवं सर्वांगीण योजना के रूप में प्रस्तुत किया, जहां समाज में समानता, स्वतंत्रता, व्यक्तित्व विकास के अवसर एवं रुढ़ियों से मुक्ति, राजनीतिक एवं आर्थिक समानता के अवसर प्राप्त हों।
संयोजक आलोक यादव ने सेमीनार के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।
बताया कि दो दिनों तक आधुनिक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता, समाजवादी दर्शन भारतीय संदर्भ में, डा. राममनोहर लोहिया का समाजवाद, आचार्य नरेंद्र देव का समाजवादी चिंतन, गांधीजी के चिंतन में समाजवाद, समाजवादी चिंतन एवं हिंदी साहित्य, राष्ट्रीयता और समाजवाद, आधुनिक शिक्षा पर समाजवाद का प्रभाव विषयों पर चर्चा होगी।
प्रबंधक रामशंकर गुप्ता, शिकोहाबाद डिग्री कालेज से सेवानिवृत्त रीडर डा.आरपी पाठक, अकबरपुर डिग्री कालेज के प्रोफेसर डा.प्रदीप दीक्षित, अजीतमल डिग्री कालेज के डा.अर्जुन सिंह सेंगर, आदि चिंतकों ने विचार व्यक्त किए।
सयुस जिलाध्यक्ष कल्लू यादव, कमलेश यादव, प्रोफेसर गजेंद्र सिंह, राजवीर सिंह यादव, लेखपाल अवनींद्र यादव, डा. इफ्तिखार हसन, डा.उमेश यादव, प्रोफेसर विनीत त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।