एरवाकटरा थाना क्षेत्र के ग्राम गाजीपुर में जमीनी विवाद में पिता की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस दस दिन बाद भी खाली हाथ है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने एक टीम का गठन किया था। पुलिस टीम अभी तक हत्यारोपी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। पुलिस ने हत्यारोपी पुत्र के गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
एरवाकटरा थाना क्षेत्र के गांव गाजीपुर निवासी बाबूराम (70) पुत्र जयलाल की 23 जनवरी 2016 की रात सौतेले बेटे मुन्नालाल ने लाठी-डंडों व धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी थी। भोर होते ही आरोपी मुन्नालाल पत्नी सरिता देवी व बच्चों के साथ घर में ताला लगाकर फरार हो गया था। पड़ोसियों ने शक के आधार पर थानाध्यक्ष राम लक्ष्मण यादव को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष राम लक्ष्मण यादव ने घर की तलाशी ली तो एक कमरे के बक्शे में बाबूराम का लहूलुहान हालत में शव मिला था।
इस वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। इस मामले में बाबूराम के भाई रामप्रकाश ने भतीजे मुन्नालाल व पत्नी सरिता देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दे रही है। लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवालियां निशान उठ रहे हैं। वैसे एसपी ने हत्याकांड के लिए एक टीम का गठन कर दिया है। पुलिस मामले की जानकारी कर रही है। इस संबंध में एसपी मनोज तिवारी ने बताया कि पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दे रही है। पुलिस मामले का जल्द ही खुलासा करेगी।