औरैया। अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिले के बाशिंदों ने दिल से स्वागत किया है। अधिकांश लोगों की यही राय रही कि यह सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने वाला और पूरी तरह सर्वमान्य फैसला रहा। इसमें न किसी की जीत रही और नहीं किसी की हार। अयोध्या में भव्य मंदिर बनेगा और भव्य मस्जिद का भी निर्माण होगा। इस फैसले से अरसे से छाई विवाद की हर धुंध छट गई है। कुल मिलाकर जिले के लोगों ने आपसी सौहार्द की मिसाल पेश की है।
सुबह से ही लोग फैसले की घड़ी का इंतजार करते रहे। 10:30 बजे जैसे ही सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना शुरू हुआ, लोग टीवी से चिपक गए। कुछ लोग मोबाइल फोन पर नजर गड़ाए रहे और पल-पल की जानकारी लेने में मशगूल दिखे। हालांकि मोबाइल धारकों को नेट ने भी छकाया, पर किसी न किसी जतन से सभी फैसले की जानकारी करते रहे। दिन में 11 बजे के आसपास जैसे ही यह पता चला कि अयोध्या में रामलला जीत गए, मंदिर वहीं बनेगा और सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के निर्माण के लिए भी पांच एकड़ जमीन दी जाएगी, यह फैसला सुनते ही हर वर्ग के लोगों ने दिल से इसे स्वीकार किया। अमन पसंद लोगों ने आपसी सौहार्द की मिसाल पेश की। हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लोग आपस में गले मिलते दिखे।
एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र खानपुर, फफूंद, पुरवा सहार व तकिया मोहल्ले में पूरी तरह की अमन की बयार बहती दिखी।
उधर, फैसले को लेकर जिला प्रशासन शुक्रवार की रात से ही सजग रहा। डीएम अभिषेक सिंह और एसपी सुनीति ने रात में ही अधिकारियों के साथ बैठक की। शनिवार को भोर होते ही जिले भर में सभी मुख्य स्थानों पर खासी फोर्स तैनात रही। लोग घरों से निकले तो सड़कों पर पुलिस तैनात नजर आई।
फोर्स देख प्रमुख चौराहों व तिराहों और बाजारों में हल्का सन्नाटा जरूर दिखा, लेकिन इससे लोगों में किसी तरह का भय या बेचैनी नहीं दिखी। फैसले की घड़ी नजदीक आने पर 10 बजे के आसपास अधिकारियों की सख्ती बढ़ती गई। प्रमुख स्थानों के अलावा मस्जिदों, मंदिरों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिले।
डीएम और एसपी ने फोर्स के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। विशेष रूप से मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में चौकसी ज्यादा रही। पर कहीं से भी किसी तरह की विध्न बाधा की खबर नहीं रही।