फोटो02एयूआरपी 01- सड़क पर जाम लगाए ऑटो-टेंपो की वजह से फंसे वाहन व अन्य लोग, जाम खुलवाने में जुटी पुलिस। संवाद फोटो02एयूआरपी 02 - नगर पालिका परिषद की ओर से निर्धारित पार्किंग शुल्क का पोस्टर। संवाद
-कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने खुलवाया जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। शहर में अब सभी श्रेणी के वाहन चालकों को पार्किंग शुल्क देना होगा। चिह्नित स्थानों पर वाहन खड़ा करने के लिए नगर पालिका प्रशासन की ओर से पांच ठेके उठाए गए हैं। कई जगह वाहनों से आवश्यकता से अधिक पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। इसके विरोध में रविवार को ऑटो-टैक्सी चालकों ने शहर में जालौन चौराहे से सुभाष चौक तक सड़क पर लगभग एक किलोमीटर तक जाम लगा दिया। पुलिस ने मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। इस दौरान करीब एक घंटे तक लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
नगर पालिका परिषद की ओर से शहर में पांच वाहन स्टैंडों को टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से उठाया गया है। जिसमें ठेकेदार की ओर से ऑटो-टैक्सी, ई-रिक्शा, प्राइवेट बस आदि से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। जिसको लेकर ऑटो, टेंपो व ई-रिक्शा चालकों में खासा आक्रोश व्याप्त है। आक्रोशित लगभग पांच सैकड़ा वाहन चालकों ने जाम लगा दिया। जाम में कई वाहन फंस गए।
वाहन चालकों का कहना है कि पार्किंग शुल्क के नाम पर उनसे 25 रुपये का शुल्क वसूला जा रहा है। बताया कि उनकी अधिकांश दौड़ दिबियापुर तक होती है। ऐसे में वहां भी उनसे 25 रुपये की अवैध वसूली की जाती है। एक ही दिन में दो-दो जगह पार्किंग शुल्क देना उनके लिए संभव नहीं है। पर्ची न कटवाने पर वाहन न चलने देने की धमकी दी जाती है।
यही नहीं शाम छह बजे के बाद यदि शहर में वाहन चलाते हैं तो फिर से 25 रुपये की रसीद कटवाने पड़ेगी। ऑटो, टेंपो की संख्या बहुत है ऐसे में कमाई भी बहुत कम है। अब इतना पार्किंग शुल्क लगेगा तो परिवार को कैसे पाल सकेंगे। ऐसे में उनके सामने भूखों मरने का संकट पैदा हो जाएगा।
वहीं विरोध-प्रदर्शन में शामिल रिजवान व विशाल गुप्ता ने बताया कि कानपुर महानगर में भी ऑटो-टैक्सी से 10 रुपये पार्किंग शुल्क लगता है। जबकि औरैया जैसे छोटे शहर में 25 रुपये लग रहा है जो बिल्कुल नाजायज है। यही नहीं कानपुर में एक साल के लिए एक हजार रुपये की पार्किंग रसीद काट दी जाती है। जबकि औरैया में इसकी व्यवस्था नहीं है।
इधर एक घंटे तक शहर के प्रमुख इटावा मार्ग पर जाम लगने से आम लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद चालकों को धमका कर एक घंटे में जाम खुलवा पाया।
25 किलोमीटर के दायरे में देने पड़ेंगे चार पार्किंग शुल्क
जिले की सभी नगर पंचायतों में पार्किंग स्टैंड को लेकर टेंडर प्रक्रिया प्रस्तावित है। अभी शुरूआत में केवल नगर पालिका परिषद क्षेत्र में पांच स्टैंडों पर पार्किंग शुल्क तय किया गया है। जबकि शहर से सटे 25 किलोमीटर के दायरे में दिबियापुर, फफूंद और अजीतमल आते हैं। ऐसे में यदि एक ही दिन में ऑटो चालकों को इन सभी क्षेत्रों में जाना पड़ा तो उनसे शहर समेत चारों नगर पंचायतों में भी पार्किंग शुल्क देना होगा। जो आने वाले समय में इन वाहन चालकों के लिए एक बड़ी समस्या बनेगी।
पार्किंग ठेके में वाहनों से लिया जाने वाल शुल्क
वाहन पार्किंग शुल्क
ऑटो, टेंपो, सवारी वाहन 25 रुपये
ट्रैक्टर, लोडर, छोटे माल वाहन 40 रुपये
मिनी बस 50 रुपये
प्राइवेट बस, ट्रक 50 रुपये
लोडिंग, अनलोडिंग वाहन 50 रुपये
कार, मैजिक, जीप, टैक्सी, प्राइवेट कार 50 रुपये
बड़ी बस 75 रुपये
बोले जिम्मेदार -
अभी पूरे जिले में कहीं पर भी कोई पार्किंग शुल्क का प्रावधान नहीं था। था। अवैध तरीके से इन वाहन चालकों से वसूली होती थी। अब जिला प्रशासन ने नियमों के तहत व्यवस्था बनाई है। जिसमें कुछ समस्याएं भी आएंगी, लेकिन इन समस्याओं का निदान जाम लगाकर नहीं हो सकता है। इसके लिए प्रतिनिधि मंडल के माध्यम से उनके संज्ञान में मामला लाया जाएगा को निश्चित रूप से समस्या का हल जरूर निकाला जाएगा। पालिका की ओर से पार्किंग शुल्क निर्धारित किया गया है। फिर भी कोई समस्या है तो इसके लिए ठेकेदारों से बात कर उसका समाधान कराया जाएगा। एमपी सिंह, अपर जिलाधिकारी, औरैया।