बाढ़ के पानी को पुल पर खड़े होकर मशीन के माध्यम से मापते केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी। संवाद
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औरैया। यमुना नदी में जलस्तर के बढ़ने का दौर लगातार जारी है। दूसरे दिन बढ़े जलस्तर के चलते शाम चार बजे तक पानी का जलस्तर 102.40 मीटर दर्ज किया गया। लगातार बढ़ रहे पानी पर केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी निगाहें बनाए हैं। यहां पर चेतावनी बिंदु 112 मीटर तो खतरे का निशान 113 मीटर पर है।
राजस्थान के कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। यही पानी यमुना के जलस्तर को भी बढ़ा रहा है। इस वजह से दूसरे दिन गुरुवार को यमुना नदी का जलस्तर शाम चार बजे 102.40 मीटर पर पहुंच गया। इससे यमुना नदी के शेरगढ़ घाट पर बना स्नानागार चारों तरफ से बढ़े पानी से घिर गया है।
इससे अब कोई भी श्रद्धालु यमुना में स्नान करने के लिए स्नानागार तक नहीं पहुंचा सकता है। हालांकि आने वाले दिनों में यमुना नदी में पानी बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए इंतजाम करलिए हैं। उधर, प्रति घंटे दो से तीन सेमी बढ़ रहे जल स्तर को देखते हुए केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी नजर बनाए हुए हैं।
यमुना नदी में बढ़े जल स्तर से घिरा शेरगढ़ घाट का स्नानागार। संवाद- फोटो : AURAIYA