औरैया। पांच जुलाई को चले विशेष पौधरोपण अभियान को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनदेखी ने हराभरा होने से पहले ही सुखा दिया। इसकी हकीकत 100 शैया युक्त जिला अस्पताल के पास बने पोस्टमार्टम हाउस परिसर और सीएचसी बेला परिसर में देखने को मिली, जहां पौधे सूख गए।
वातावरण को प्रदूषण मुक्त करने और मानव जीवन को शुद्ध आक्सीजन की पूर्ति हो सके, इसके लिए पूरे प्रदेश में पौधरोपण अभियान को गति दी गई थी। औरैया जिले में अन्य विभागों की तरह ही स्वास्थ्य विभाग को भी पौधरोपण के लिए जिम्मेदारी दी गई थी। जिले भर में स्थापित स्वास्थ्य केंद्रों के पास उपलब्ध खाली जगहों पर पौधे रोपित किए जाने थे।
अहम बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी को कितना निभाया, इसकी हकीकत 100 शैया युक्त जिला अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस परिसर की पड़ताल में दिखी। पोस्टमार्टम हाउस परिसर में अलग-अलग जगहों पर झाड़ियों के बीच काफी संख्या में ऐसे पौधे पड़े मिले, जो लगाए ही नहीं गए। पौधों में नीचे जड़ों पर लगाई गई काली पन्नी भी जस की तस लगी है।
यही स्थिति सीएचसी बेला में भी देखने को मिली। जहां रोपित करने को दिए गए पौधों को जिम्मेदार अधिकारियों ने रोपित करने की बजाय परिसर में ही फेंक दिया। जिससे लगने से पहले ही पौधे सूख गए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैया और लापरवाही ने पौधरोपण अभियान को पलीता लगाने का काम किया है।
खास बात तो ये है कि पूर्व में रोपित करने को स्वास्थ्य विभाग को जो पौधे दिए गए थे, उन्हें भी बिना रोपित किए फेंक दिया गया, बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी और पौधे रोपित करने के लिए वन विभाग से मांगने की बात कर रहे हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि पोस्टमार्टम हाउस और बेला सीएचसी में पेड़ पड़े सूख रहे हैं इसकी जानकारी नहीं है। पहले वन विभाग की ओर से छोटे पौधे दे दिए थे। जिससे वह जल्दी सूख गए। अभी और पौध लगाए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग से पौधे मांगे गए हैं।
पोस्टमार्टम हाउस परिसर में झाड़ियों में सूख गए रोपित करने को दिए गए पौधे। संवाद- फोटो : AURAIYA