औरैया। चार दिन से हो रही आठ से 10 घंटे की अघोषित बिजली कटौती ने लोगों के दिन का चैन और रात की नींद उड़ा दी है। जर्जर तारों में हो रहे फाल्ट से ट्रांसफार्मर भी फुंक रहे हैं। बिजली कटौती के कारण पानी का संकट भी गहरा गया है। इससे लोगों में आक्रोश है।
जर्जर हो चुके बिजली के तार शहरवासियों का दर्द बढ़ा रहे हैं। शिकायत के बाद भी विभाग इन्हें नहीं बदलवा रहा है। इस कारण लोगों को बिजली कटौती का दंश झेलना पड़ रहा है। चार दिन से आलम यह है कि दिन में आठ से 10 घंटे की अघोषित बिजली कटौती हो रही है।
इससे गर्मी में लोगों का बुरा हाल है। सोमवार की रात शहर के जालौन चौराहा, ब्रह्मनगर में ट्रांसफार्मरों के फुंकने से समस्या और बढ़ गई। लोग पूरी रात नहीं सो सके। हालांकि सुबह बिजली अधिकारियों ने ब्रह्मनगर में अतिरिक्त वैन ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति बहाल कराई। जालौन चौराहा के पास लगे ट्रांसफार्मर को दोपहर बाद बदलवाया। इसके चलते दिन में तीन बजे तक आपूर्ति बंद रही।
ओवरलोड से फुंक रहे ट्रांसफार्मर
यमुना रोड स्थित एक नंबर बिजली उपकेंद्र पर 10-10 एमवीए (1060 एंपियर) के दो ट्रांसफार्मर लगे हैं। इन पर वर्तमान में 750 एंपियर का लोड है। शहर के अन्य ट्रांसफार्मरों पर अधिक लोड होने के कारण एलटी लाइनें जल रही हैं। इस कारण उनसे जुड़े ट्रांसफार्मर भी फुंक रहे हैं।
लाइनें लगभग 15 साल पुरानी होने से उनमें लोड सहने की क्षमता नहीं रह गई है। दिन में कई-कई बार लाइनें टूट रही हैं। इसकी वजह से कर्मचारियों को कई बार शटडाउन लेना पड़ता है। लोड अधिक होने से ट्रांसफार्मर भी फुंक रहे हैं। फिलहाल सभी स्थितियों को नियंत्रित करने का प्रयास चल रहा है। -सुभाष चंद्र यादव, जेई औरैया डिवीजन।
कंचौसी। सोमवार की रात लगभग 10 बजे कंचौसी रसूलाबाद मार्ग पर नहर पुल से पहले लगे बिजली के खंभे में ट्रक ने टक्कर मार दी। इस कारण बिजली का पोल टेढ़ा हो गया और तार टूट गए। इससे बिजली की आपूर्ति बंद हो गई। सूचना पर पहुंचे बिजली विभाग के कर्मचारियों ने रात एक बजे तारों को काटकर आपूर्ति बहाल कराई। मंगलवार को दिन में भी लगभग दो घंटे तक मरम्मत का काम चला। इसके बाद सुबह 10 बजे आपूर्ति सुचारु रूप से चालू हो सकी।
औरैया। शहर में कई दिनों से दिन व रात में चल रही बिजली की अघोषित कटौती से शहर के व्यापारी खासे परेशान हैं। व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई ने कहा कि सरकार की तरफ से जिला मुख्यालय पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति दिए जाने के आदेश हैं। बावजूद इसके बिजली विभाग के अधिकारी कभी फाल्ट के नाम पर तो कभी चेकिंग के नाम पर पूरे दिन में कई-कई बार शट डाउन कराकर सरकार की मंशा को ध्वस्त कर रहे हैं।
व्यापारी नेता अमर विश्नोई ने अघोषित कटौती पर कड़ा एतराज जताया, कहा कि अघोषित कटौती से बिजली से जुड़े व्यापारी संकट में हैं। आइसक्रीम, दूध, दही कारोबारी, खराद का काम करने वाले, बर्फ फैक्टरी संचालक, मेडिकल स्टोर संचालक आदि बहुत ज्यादा परेशान हैं। व्यापारी नेताओं ने बिजली विभाग के अधिकारियों को अतिशीघ्र अघोषित कटौती बंद करने की बात कही है। अन्यथा की स्थिति में आंदोलन करने की चेतावनी दी है। (संवाद)