औरैया के गांव पिपरौली शिव स्थित स्कूल में लापरवाही दिखाते हुए शिक्षक कक्षा छह के छात्र को शौचालय में बंद कर घर चले गए। अगले दिन स्कूल खुलने पर करीब 19 घंटे बाद छात्र शौचालय से बाहर निकल सका। घटना के नौ दिन बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर परिजनों ने पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर लिया है।
गांव पिपरौली शिव निवासी अनुसूचित जाति का कक्षा छह का छात्र गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट में पढ़ता है। पांच अगस्त की दोपहर दो बजे वह विद्यालय के शौचालय में शौच क्रिया के लिए गया था। तभी विद्यालय बंद करने के वक्त एक शिक्षिका ने विद्यालय के साथ ही शौचालयों पर भी ताला लगा दिया। इसके बाद सभी शिक्षक अपने-अपने घर चले गए।
देर शाम तक बेटे के घर न पहुंचने पर परिजन उसे आसपास के गांवों व मोहल्लों में ढूंढते रहे। दूसरे दिन सुबह विद्यालय खुलने के बाद लगभग नौ बजे शौचालय का ताला खोला गया। इसके बाद छात्र दौड़कर अपने घर पहुंचा और परिजनों को जानकारी दी। शिक्षकों पर आरोप लगाने से कोई विवाद न हो जाए, यह सोचकर परिजनों ने चुप्पी साध ली।
रविवार को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हालांकि अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। इसके बाद सीओ बिधूना महेंद्र प्रताप सिंह ने छात्र के घर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली। परिजनों की तहरीर पर प्रधानाध्यापक विजय कुशवाहा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।
भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह ने उच्चाधिकारियों को बताया कि छात्र का आरोप है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय कुशवाहा उसकी जाति को लेकर उससे व कई छात्रों से दुर्व्यवहार करते हैं। मिडडे मील खाने के वक्त रोटी फेंक कर दी जाती है। इस पर उच्चाधिकारियों ने बीएसए को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। बीएसए विपिन कुमार तिवारी ने बताया कि मामले की जांच बीईओ को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।