औरैया। खसरा की प्रति लेने के लिए भी किसानों को तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। किसान जल्द ही घर बैठे भूलेख पोर्टल के माध्यम से खसरा निकाल सकेंगे। हालांकि अभी फीडिंग पूरी न होने से यह लाभ पाने के लिए किसानों को इंतजार करना पड़ेगा। अगस्त माह तक यह कार्य पूरा होना था, लेकिन लेखपालों की उदासीनता से यह काम अभी अधूरा है।
जिले की तीन तहसीलों की 477 ग्राम पंचायतों में 855 राजस्व गांव हैं। इसमें तीन लाख पंजीकृत किसान हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, जमीन क्रय-विक्रय आदि में खसरा और खतौनी की जरूरत पड़ती है। इसके लिए पहले किसानों को कई बार तहसील का चक्कर लगाना पड़ता था।
इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान होना पड़ता था। तीन से चार साल पूर्व शासन ने खतौनी को ऑनलाइन कर दिया। एक साल पूर्व खसरा भी ऑनलाइन किया गया। इसके बावजूद कई किसानों की जमीन के अभिलेखों को विभागीय पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जा सका।
इससे किसान अब तक योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। यह फीडिंग अगस्त माह में पूरी होनी थी, पर 100 से अधिक राजस्व ग्राम पंचायतों के अभिलेख ऑनलाइन नहीं हो सके हैं। एडीएम वित्त रेखा एस. चौहान ने कहा कि भूलेख पोर्टल पर 85 प्रतिशत तक फीडिंग पूरी हो चुकी है। बचा हुआ कार्य जल्द पूरा हो जाएगा। इसके बाद किसान घर बैठे खसरा भूलेख पोर्टल के माध्यम से निकाल सकेंगे।