बेला। अन्ना मवेशियों को पकड़कर गोशाला में रखने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश बेअसर साबित होता दिख रहा है। मवेशी किसानों की फसलों को नष्ट और ग्रामीणों व राहगीरों को अपनी चपेट में लेकर घायल कर रहे हैं। फिर भी जिला प्रशासन आंखें मूंदे है।
खेत में किसान, गांव में ग्रामीण व सड़कों पर सफर कर रहे राहगीर सभी अन्ना मवेशियों से परेशान हैं। इन्हें पकड़ने के संबंध में मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को आदेश दिए थे। इसकी रिपोर्ट भी तैयार कर मुख्यालय में भेजने के लिए कहा था। जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी रिपोर्ट में सब कुछ सही दिखाकर भेज रहे हैं। हकीकत कुछ और ही बयां करती है। किसानों को सैकड़ों बीघा फसलों का नुकसान हो रहा है।
दिन के साथ ही रात में भी बांधमऊ, नुनारी, याकूबपुर, पटना सहार, मल्हौसी समेत अन्य गांवों के किसान अपनी फसलों की रखवाली कर रहे हैं। खेत की तरफ आने से रोकने पर मवेशी कई बार किसानों को चुटहिल भी कर देते हैं। बेला में तिर्वा रोड, बिधूना रोड, कानपुर रोड, दिबियापुर रोड पर आवारा पशुओं का झुंड लगा रहता है।
इन रूटों पर जिम्मेदार अधिकारी भी गुजरते हैं, लेकिन उन्हें यह जानवर नहीं दिखते। दुकानदार या आसपास मौजूद लोग इन्हें भगाते हैं, लेकिन कुछ देर बाद फिर से अन्ना मवेशियों का झुंड एकत्र हो जाता है। वहीं, इनकी चपेट में आकर राहगीर घायल हो जाते हैं और कई बार तो हादसे में जान तक चली जाती है। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि अन्ना मवेशियों को गोशाला भेजने की जिम्मेदारी तय है। अभी लंपी स्किन डिजीज बीमारी को लेकर सावधानी बरती जा रही है। ज्यादातर मवेशियों को गोशालाओं में पहुंचाया जा चुका है।
बेला बस्ती में सड़क पर बैठे आवारा पशु व फैली गंदगी। संवाद- फोटो : AURAIYA