बेला(औरैया)। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के मंत्री, सांसद और विधायकों को अपने क्षेत्र के अस्पताल गोद लिए जाने के निर्देश दिए थे। गुरुवार को बिधूना विधायक ने भी स्वास्थ्य केंद्र को गोद लिए जाने की घोषणा कर दी। इससे पहले सांसद, दिबियापुर विधायक और राज्यसभा सांसद अस्पतालों को गोद ले चुकी हैं।
जिले में बदहाल हो चुकी स्वास्थ्य सेवाओं और कोरोना में समय से उपचार न मिलने पर अमर उजाला ने अभियान चलाकर खबरें प्रकाशित की। इसमें मंत्री, विधायक और सांसदों द्वारा अस्पतालों के गोद न लिए जाने का मुद्दा भी उठाया था। जिले के माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय से दिशा निर्देश न मिलने की बात कह टाल मटोल करते रहे। खबरें प्रकाशित होने के बाद सख्ती हुई। जिसके बाद सांसद इटावा ने अछल्दा, दिबियापुर विधायक ने स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर तथा राज्यसभा सांसद ने एरवाकटरा को गोद लिया।
इन लोगों द्वारा अस्पतालों को गोद लिए जाने के बाद गुरुवार को बिधूना विधायक विनय शाक्य ने भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना को गोद लिए जाने की घोषणा की है। विधायक विनय शाक्य ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में जो भी खामियां होंगी, उन्हें जल्द दूर करा कर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जाएगी।